No Mobile No Reel: मंदिरों में नहीं बना सकेंगे वीडियो और रील्स, अब आप नहीं रहे वीआईपी; सरकार ने लिया बड़ा निर्णय

No Mobile No Reel: मंदिरों में नहीं बना सकेंगे वीडियो और रील्स, अब आप नहीं रहे वीआईपी; सरकार ने लिया बड़ा निर्णय

No Mobile No Reel: मंदिरों में नहीं बना सकेंगे वीडियो और रील्स, अब आप नहीं रहे वीआईपी, क्योंकि  सभी दर्शनार्थियों के लिए एक ही लाइन होगी। वीआईपी यानी बिना लाइन में मंदिर के अंदर दर्शन करने पर सरकार ने रोक लगा दी है।

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर चार धाम मंदिरों के 50 मीटर के दायरे में वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

दरअसल वीडियो और रील्स बनाने पर प्रतिबंध का फैसला तब आया है जब कई पुजारियों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि “ऐसी गतिविधियाँ पारंपरिक मानदंडों का उल्लंघन करती हैं। राधा रतूड़ी ने संस्कृति एवं धार्मिक मामलों के सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया था।

दो दिन में 5 बड़ी बैठकें कर चुकी है उत्तराखंड सरकार

इधर उमड़ रही भारी भीड़ के कारण बीते दो दिन में उत्तराखंड सरकार 5 बड़ी बैठकें कर चुकी है, लेकिन यमुनोत्री और गंगोत्री रूट पर लंबे-लंबे ट्रैफिक जाम का समाधान नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, इतनी राहत जरूर है कि दो दिन पहले ट्रैफिक में जो समय 20 से 25 घंटे लग रहा था, वो अब घट गया है।

 

यात्रा के लिए अबतक 26 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन करा चुके

चारधाम की यात्रा के लिए अबतक 26 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन करा चुके है। वहीं लगभग 3 लाख से अधिक लोग चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। चारधाम की यात्रा के शुरू होने के बाद से अबतक 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है। मरने वाले 4 लोगों में डायबिटीज के साथ-साथ ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी। कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो बिना रजिस्ट्रेशन के चारधाम की यात्रा या सिर्फ केदारनाथ और बदरीनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो चुके हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि चारधाम जाने वाले मार्गों पर भीषण जाम का लोगों को सामना करना पड़ रहा है।

 

 

 

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