FEATUREDLatestमध्यप्रदेश
NGT Directives: भोपाल के कलियासोत और केरवा डैम का FTL व बफर जोन 3 सप्ताह में होगा तय; एनजीटी ने दिए ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट इमेजरी के निर्देश
NGT Directives: भोपाल के कलियासोत और केरवा डैम का FTL व बफर जोन 3 सप्ताह में होगा तय; एनजीटी ने दिए ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट इमेजरी के निर्देश
भोपाल: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने भोपाल स्थित कलियासोत और केरवा डैम के फुल टैंक लेवल (FTL) तथा बफर क्षेत्र के सीमांकन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने संबंधित अधिकारियों को अगले तीन सप्ताह (21 दिन) के भीतर दोनों जलाशयों के एफटीएल और बफर जोन का सटीक निर्धारण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य के लिए जल संसाधन विभाग (Water Resources Department) के पास उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड्स, कंटूर मैप्स और टोपोग्राफिकल मैप्स की मदद ली जाए।
एनजीटी ने सीमांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का आदेश दिया है:
ड्रोन सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी: जलाशयों के वास्तविक फैलाव और बफर जोन की सीमाओं का पता लगाने के लिए ड्रोन मैपिंग और उपग्रह तस्वीरों (Satellite Imagery) का उपयोग किया जाएगा।
ग्राउंड ट्रुथिंग (Ground Truthing): तकनीकी डेटा के सत्यापन के लिए मौके पर जाकर भौतिक रूप से (Physical Verification) जमीन की जांच की जाएगी।
एनजीटी के पूर्व निर्देशों के तहत गठित संयुक्त समिति हाल ही में केरवा डैम का एफटीएल निर्धारित करने के लिए ड्रोन सर्वे करने पहुँची थी। हालांकि, केरवा डैम पर स्थित पुराना पुल टूट जाने के कारण वहां नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा था।
मार्ग बाधित होने और निर्माण गतिविधियों के चलते उस समय सर्वे पूरा नहीं हो सका था, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट संयुक्त समिति द्वारा अधिकरण (Bench) के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। अब एनजीटी ने समय-सीमा तय करते हुए प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है।NGT Directives: भोपाल के कलियासोत और केरवा डैम का FTL व बफर जोन 3 सप्ताह में होगा तय; एनजीटी ने दिए ड्रोन सर्वे और सैटेलाइट इमेजरी के निर्देश