Friday, May 22, 2026
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Nakali Not Banana: क्राइम ब्रांच ने भोपाल में दो लाख के नकली नोट के साथ दो आरोपितोंं को हिरासत में लिया

Nakali Not Banana भोपाल। क्राइम ब्रांच ने शनिवार रात को दो लोगों को ईंटखेड़ी के गुलफाम मैरिज गार्डन लांबाखेड़ा से हिरासत में लिया। पूछताछ में उनके पास में दो लाख के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि आरोपित प्रिंटर से नोट छापने के बाद उसे मार्केट में चलाने निकले थे और पहली बार में ही पुलिस के हाथ लग गए। आरोपितों से करीब दो लाख के नकली नोट बरामद किए है।

आरोपितों का कहना है कि उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से नोट प्रिंटर से सीखा था। दोनों आरोपितों में एक 12 वीं तो दूसरा आठवीं कक्षा तक पढ़ा है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक गुलफाम मैरिज गार्डन से दो संदेहियों को हिरासत में लेने के बाद क्राइम ब्रांच थाने लाया गया। जहां उनकी पहचान भूपेन्द्र यादव (30) ग्राम पाढल्या खेडी थाना कुरावर तहसील नरसिंहगढ जिला राजगढ़ और सोनू विश्वकर्मा( 22) निवासी ग्राम सीलखेडा थाना मलावर जिला राजगढ़ के रूप में हुई। भूपेंद्र यादव के पास से 200-200 रुपये के 96 नोट और 500-500 रूपये के 24 नोट कुल 31,200 के नकली नोट बरामद किए। आरोपित के पास से जो नोट मिले वह एक ही सीरीज के थे। सोनू

विश्वकर्मा के पास 200-200 रुपये के 204 नोट कुल 40,800रुपये मिले। दोनो संदेहियो के पास से कुल 72,000 रुपये मिले। मिले नोटो को असली नोट से मिलान करने पर हूबहू 200 एवं 500 का नोट जैसे दिखते है। जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक की तरह नोट की कीमत की शब्दों हिंदी और अंग्रेजी में लिखी थी। महात्मा गांधी की फोटो धुंधली सी बनी है, गवर्नर अंग्रेजी में लिखा है, हस्ताक्षर अंग्रेजी में अपठनीय है, एक ही सीरीज के कई नोट होने से प्रथम द्रष्टया नकली नोट लग रहे थे। दोनो आरोपितों से नकली नोटों को जब्त कर आरोपितों पर एफआइआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

आरोपित के पास से मिले और नोट

एएसपी अंकित जायसवाल ने बताया कि पूछताछ के बार आरोपित से पता चला कि उसने और भी नकली नोट छापे है। उसकी बरामद की के लिए पुलिस भूपेंद्र के किराये के मकान बाराद्वारी नरसिंहगढ़ पहुंची थी। जहां से 500-500 रूपये के 270 नोट (1,35,000/- रूपये ) व कलर प्रिंटर व अन्य सामग्री बरामद को जप्त किया गया। दोनों से दो लाख सात हजार रूपये के नकली नोट जप्त किये गये है।

कर्ज चुकाने छापने थे नोट

उधारी एवं आर्थिक तंगी के चलते नोट छापने का रास्ता अपनाया था। आरोपितों के द्वारा पहली बार ही नोट छापे गये थे। जिन्हें स्थानीय स्तर पर चलाने से पहले ही थाना क्राइम ब्रांच भोपाल के द्वारा आरोपितों को धरदबोचा। भूपेंद्र यादव वर्तमान में मेडिकल स्टोर चलाता हैं और सोनू विश्वकर्माकार चालक है।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम