यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए है जो मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित रहे, अनुत्तीर्ण हो गए या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। यह परीक्षा 7 मई से 25 मई के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि इसके लिए आवेदन 22 अप्रैल तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित इस परीक्षा में शामिल होकर छात्र अपने परिणाम को बेहतर बना सकते हैं। खास बात यह है कि प्रथम और द्वितीय परीक्षा में से जो भी बेहतर परिणाम होगा, वही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। हालांकि, इस परीक्षा में विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों को असफलता से उबरने और बेहतर प्रदर्शन का एक और अवसर देना है। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और उन्हें निराश न होने दें।
राज्य में शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि National Education Policy 2020 के तहत मध्यप्रदेश कई नए प्रयोग कर रहा है। प्रदेश में ड्रॉपआउट रेट प्राथमिक स्तर पर शून्य तक पहुंच चुका है और शिक्षा के लिए बजट भी बढ़ाकर 36,730 करोड़ रुपए किया गया है।कुल मिलाकर, “द्वितीय अवसर परीक्षा” छात्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, जिससे वे अपनी गलतियों को सुधारकर बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।

