रूस-यूक्रेन युद्ध में महाविनाश: यूक्रेन ने दागे 650 ड्रोन, तो रूस ने ‘गेरान-5’ जेट ड्रोन और मिसाइलों से ढहाया कहर; 24 की मौत
विशेष रिपोर्ट (यशभारत.कॉम): रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब तक के सबसे खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। यूक्रेन द्वारा मास्को पर किए गए भीषण ड्रोन हमलों के प्रतिशोध में रूसी सेना ने यूक्रेन के लगभग एक दर्जन शहरों पर अब तक का सबसे बड़ा और विध्वंसक हवाई हमला बोला है।
मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच हुए इस रूसी हमले में 4 बच्चों समेत कम से कम 24 आम नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि 60 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बदले की आग: यूक्रेन के 650 ड्रोन के जवाब में रूस का तांडव
दरअसल, इस हमले से एक दिन पहले यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को और आसपास के इलाकों को निशाना बनाते हुए 650 से अधिक विस्फोटक ड्रोन दागे थे, जिससे मॉस्को ओब्लास्ट में स्थित एक बड़ा ऑयल डिपो तबाह हो गया था।
इसके जवाब में रूस ने यूक्रेन के इंडस्ट्रियल और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 130 ड्रोन और 48 क्रूज व बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी।
यूक्रेन के लिए नई आफत: घातक ‘गेरान-5’ (Geran-5) जेट ड्रोन
यूक्रेनी एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा 161 एरियल टारगेट्स को मार गिराने के बावजूद रूस के कई हमले सटीक निशानों पर लगे। यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार, उनके एयर डिफेंस के पस्त होने की सबसे बड़ी वजह रूस द्वारा पहली बार इतने बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा रहे गेरान-4 और गेरान-5 जेट-पावर्ड सुसाइड ड्रोन हैं।
गेरान-5 ड्रोन की मुख्य खासियतें:
स्पीड: टर्बोजेट इंजन से लैस, 450 से 600 किमी/घंटा की रफ्तार (पुराने Shahed ड्रोन से 3 गुना तेज)।
रेंज व क्षमता: 950 से 1,000 किमी की स्ट्राइक रेंज और 90 किग्रा विस्फोटक ले जाने में सक्षम।
ऊंचाई: 5,000 से 6,000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने के कारण पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों और एयर डिफेंस की पकड़ में आना बेहद मुश्किल। रूस-यूक्रेन युद्ध में महाविनाश: यूक्रेन ने दागे 650 ड्रोन, तो रूस ने ‘गेरान-5’ जेट ड्रोन और मिसाइलों से ढहाया कहर; 24 की मौत
इन शहरों में हुई भारी तबाही
कीव (Kyiv): राजधानी कीव में बैलिस्टिक मिसाइलों और गेरान ड्रोनों ने रिहायशी इमारतों और ऊर्जा संयंत्रों को भारी नुकसान पहुँचाया।
निप्रो (Dnipro): इंडस्ट्रियल सिटी निप्रो के बीचों-बीच मिसाइलें गिरने से प्रमुख इंडस्ट्रियल यूनिट्स खंडहर में तब्दील हो गईं।
अन्य प्रभावित क्षेत्र: पोल्टावा, निप्रॉपेट्रोस, खार्किव और चेर्निहाइव जैसे शहर धमाकों और आग की लपटों से दहल उठे।
राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस का मुख्य उद्देश्य देश के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त कर बड़े पैमाने पर खौफ पैदा करना है।



















