बंगाल में ‘अंडा-तन्त्र’ से घिरीं महुआ मोइत्रा: TMC सांसद पर बरसे अंडे और बैंगन; फेसबुक लाइव कर दिखाई थानेदार के सामने ‘गुंडागर्दी’
कोलकाता/कृष्णानगर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में शुरू हुआ ‘अंडा कांड’ थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इसका ताजा शिकार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तेजतर्रार लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा बनी हैं। कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा पर एक रेस्टोरेंट/पार्टी दफ्तर के बाहर जमा हुई उग्र भीड़ ने अंधाधुंध अंडे और बैंगन फेंके।
हमले के वक्त महुआ मोइत्रा अंदर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं। उन्होंने खुद इस पूरी घटना का ‘फेसबुक लाइव’ (Facebook Live) और वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खिड़कियों और शीशों पर लगातार अंडे लगते और फूटते दिखाई दे रहे हैं।
“पुलिस तमाशबीन बनी रही…” – महुआ मोइत्रा का बड़ा आरोप
हमले से आक्रोशित महुआ मोइत्रा ने सीधा आरोप भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा: बंगाल में ‘अंडा-तन्त्र’ से घिरीं महुआ मोइत्रा: टीएमसी सांसद पर बरसे अंडे और बैंगन; फेसबुक लाइव कर दिखाई थानेदार के सामने ‘गुंडागर्दी’
“मुझ पर बीजेपी के गुंडों द्वारा हमला किया जा रहा है और पश्चिम बंगाल पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। मैंने राज्य के डीजीपी (DGP) और बाकी आलाधिकारियों को फोन किया, लेकिन पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) सिर्फ खड़े होकर तमाशा देख रहे हैं।”
महुआ मोइत्रा ने साफ किया कि वह डरकर भागने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरा क्षेत्र है, मैं यहाँ की सांसद हूँ। मैं यहाँ से नहीं हिलूँगी। पूरा बंगाल बीजेपी की इस गुंडागर्दी को देखे।”
उसी दिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिखाई थी सख्ती
दिलचस्प बात यह है कि महुआ मोइत्रा पर यह हमला ठीक उसी दिन हुआ, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य में नेताओं पर हो रहे अंडा-हमलों पर सख्त रुख अपनाया था। हाईकोर्ट ने इसे एक ‘सामाजिक बुराई’ बताते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि नेताओं और राजनीतिक विरोधियों पर अंडे फेंकने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज करे। कोर्ट ने कहा था कि किसी भी आरोपी या नेता के मौलिक अधिकारों का इस तरह हनन नहीं किया जा सकता।
बंगाल में क्यों ‘ट्रेंड’ बन गया है नेताओं पर अंडा फेंकना?
हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद से पार्टी के कई बड़े नेताओं को जनता और विपक्ष के इस अनोखे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। महुआ मोइत्रा से पहले भी कई बड़े चेहरे इसके निशाने पर आ चुके हैं:
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अभिषेक बनर्जी: टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में पत्थरों और अंडों से हमला हुआ था, जिसमें उन्हें चोटें आई थीं। उन्हें सुरक्षा के लिए हेलमेट तक पहनना पड़ा था।
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मदन मित्रा व कुणाल घोष: वरिष्ठ नेता मदन मित्रा के काफिले को अंडों से नहला दिया गया था, जबकि कुणाल घोष पर ममता बनर्जी के कालीघाट आवास के बाहर अंडे फेंके गए।
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उदयन गुहा और विजय सिंह: 18 और 19 जून को क्रमशः टीएमसी नेता उदयन गुहा और आसनसोल कोर्ट के बाहर विजय सिंह पर “चोर-चोर” के नारों के साथ अंडों की बौछार की गई थी।
बीजेपी की प्रतिक्रिया: इस पूरे विवाद पर बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी का कहना है कि यह जनता का स्वतःस्फूर्त आक्रोश है, हालांकि पार्टी इस तरह के ‘अंडा-तन्त्र’ (Dim-ocracy) का समर्थन नहीं करती और कार्यकर्ताओं को इससे दूर रहने की सलाह दी गई है।बंगाल में ‘अंडा-तन्त्र’ से घिरीं महुआ मोइत्रा: TMC सांसद पर बरसे अंडे और बैंगन; फेसबुक लाइव कर दिखाई थानेदार के सामने ‘गुंडागर्दी’
