तीसरे विश्व युद्ध का काउंटडाउन? ईरान ने इजरायल को बताया ‘पालतू जानवर’, अमेरिका को दी आखिरी चेतावनी!

तीसरे विश्व युद्ध का काउंटडाउन? ईरान ने इजरायल को बताया 'पालतू जानवर', अमेरिका को दी आखिरी चेतावनी!

तीसरे विश्व युद्ध का काउंटडाउन? ईरान ने इजरायल को बताया ‘पालतू जानवर’, अमेरिका को दी आखिरी चेतावनी!

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क, तेहरान/तेल अवीव: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर इजरायल द्वारा दिए गए एक विवादित बयान पर ईरान भड़क उठा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल को सीधे शब्दों में ‘अमेरिका का पालतू जानवर’ बताते हुए वॉशिंगटन को सख्त चेतावनी दी है। अराघची ने कहा है कि अमेरिका समय रहते तेल अवीव में बैठे अपने चहेतों को काबू में करे, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

यह तीखी प्रतिक्रिया इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने खुलेआम कहा था कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई “मौत के लिए इजरायल के निशाने पर” हैं।

 ईरान की अमेरिका को सख्त हिदायत

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) का हवाला देते हुए अमेरिका को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाई।

अराघची ने कहा: “शर्तें बिल्कुल साफ और सार्वजनिक हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल अवीव में अपने चहेतों को चुप कराने का वादा किया था। अगर वे (इजरायल) अपने आका की अवहेलना करते हैं, तो ईरान उन्हें ऐसा सबक सिखाएगा जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे। हमारे नेतृत्व और जनता के खिलाफ किसी भी खतरे का तत्काल और जोरदार जवाब दिया जाएगा।”

 इजरायल के भीतर ही घिरे नेतन्याहू: पूर्व सेना प्रमुख ने खोली पोल

एक तरफ जहां इजरायल के रक्षा मंत्री ईरान को परमाणु हमले और सर्वोच्च नेता की हत्या की धमकी दे रहे हैं, वहीं खुद इजरायल के भीतर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फजीहत शुरू हो गई है।

कतर में अप्रत्यक्ष शांति वार्ता पर संशय के बादल

यह हाई-वोल्टेज ड्रामा ऐसे समय में हो रहा है जब कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष शांति वार्ता चल रही है।

विशेषज्ञों की राय: मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट के एलेक्स वटांका के अनुसार, इस समझौते को लेकर खुद ईरान के भीतर भी विरोध और अविश्वास बढ़ रहा है। कागजों पर यह समझौता भले ही प्रभावशाली दिखे, लेकिन जमीनी हकीकत और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते जुबानी तीर इस शांति वार्ता को खटाई में डाल सकते हैं।

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