अधिकारियों की गाड़ियों से लालबत्ती व हूटर हटाकर वीआईपी कल्चर को खत्म करने का प्रयास में कटनी विफल, खुलेआम नियमों की उड़ रहीं धज्जियां
अधिकारियों की गाड़ियों से लालबत्ती व हूटर हटाकर वीआईपी कल्चर को खत्म करने का प्रयास में कटनी विफल, खुलेआम नियमों की उड़ रहीं धज्जियां
केंद्र सरकार ने बढ़ी पहल कर मंत्रियों व अधिकारियों की गाड़ियों से लालबत्ती व हूटर हटाकर वीआईपी कल्चर को खत्म करने का प्रयास किया था, लेकिन मध्य प्रदेश के अधिकारी आज भी अर्दली और बेगारी व्यवस्था को जीवित कर रखे हैं।
यही नहीं कटनी में आज भी पुलिस के सारे छोटे बड़े अधिकारियों के वाहनों में लाल पीली बत्ती के साथ सायरन की आवाज बेख़ौफ़ गूंज रही हैं। पुलिस के वाहनों के चालक मेडम को खरीददारी करवाने बाजार की सैर पर निकलते हैं तो फर्राटे से भीड़ में घुसते हुए इनकी वाहनों के सायरन दूर तक सुने जाते हैं ।
इसी तरह तहसीलदार एडीएम के वाहन जो अधिकांश कचहरी चौक पर नजर आते हैं साहब के रौब में वाहनों के सायरन बजा कर वीआईपी कल्चर को छोड़ नहीं पा रहे आलम तो यह है कि वाहनों से सिर्फ सायरन ही नहीं लाल बत्ती भी दिन में भी चालू दिखती हैं।
कलेक्टर कटनी वैसे नोटिस और जांच बैठा कर सोशल मीडिया में छाए रहते हैं लेकिन इस वीआईपी कल्चर को खत्म करने उनकी भी लगता है परोक्ष स्वीकृति है। रही बात आरटीओ की तो उनकी तो हिम्मत ही नहीं कि कभी किसी सरकारी वाहन का चालान काट दें जब गरीब वाहन चालकों के चालान से फुर्सत मिलेबहरहाल वाहनों पर वीआईपी कल्चर के साथ अर्दली रखने के शौकीन अधिकारी भी खूब चुना लगा रहे हैं। कटनी कोतवाली से लेकर कई थानों में नगर सैनिकों के साथ प्राइवेट वसुलीकर्ता भी रखे गए हैं जो चालान की गुमटी में रॉबके साथ बैठते हैं।