सौ करोड हिंदू होगे, लेकिन हिंदुस्तान नहीं होगा,र्गग चौराहे में होली पर ऐतिहासिक अखिल भारतीय विराट कविसम्मेलन में देश के ख्यातिलब्ध कवियों ने समां बांधा,देश की सामाजिक- राजनैतिक विसंगतियों पर तीखे कटाक्ष से देर रात तक श्रोताओं ने लगाये ठहाक
कटनी।आपसी सदभाव के सतरंगी पर्व होली पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी होली पर एक शाम शहीदों के नाम हास्य हंगामा अखिल भारतीय विराट कविसम्मेलन नगर के ख्यातिलब्ध हास्य व्यंग्य कवि श्री मनोहर मनोज के सानिध्य एवं कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सरावगी के संयोजन में आयोजित किया गया।कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन एवं मुक्तिधाम विकास समिति ओमप्रकाश सरावगी निशुल्क विद्यालय के तत्वावधान में देश के ख्यातिलब्ध कवियों ने देर रात तक समां बांधा।देश में सामाजिक -राजनैतिक विसंगतियों पर साहित्यकारों ने तीखे कटाक्ष किये तथा देश की भावी सुरक्षा पर कविता के माध्यम से सुझाव भी दिये।हास्य व्यंग्य के साथ श्रृंगार रस ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में अतिथि कवियों का आयोजको ने पुष्प मालाओं से अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामखेलावन गर्ग ने की तथा सफल संचालन हास्य कवि अतुल ज्वाला ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणावादिनी के तैलचित्र पर अतिथि साहित्यकारों ने दीपप्रज्जवलित कर किया कवियत्री काव्या मिश्रा ने सरस्वती वंदना की शानदार प्रस्तुति दी कविसम्मेलन में नगर युवा साहित्यकार मुकेश त्रिपाठी ने भारत देश की मिट्टी को नमन करने वाली शानदार कविता में कहा-
आरती के स्वर जहां मिलते अज़ान में,
सब लोग झूम जाते हैं मुरली की तान में,
जहां जन्म लेने को देवता तरसते हैं,
मैं धन्य हूँ, पैदा हुआ हिंदूस्तान में।ओजस्वी कवि वैभव अवस्थी ने देश के इतिहास से वर्तमान परिवेश पर चेतनापूर्ण अपनी वीररस की कविताओं से श्रोताओं में भरपूर जोश भर दिया।उन्होंने कहा-
कल तक जो दिखता था वह स्वर्णिम परिवेश नहीं दिखता
हिंदू तन मन हिंदु जीवन का संदेश नहीं दिखता
आग उगलने वाला अब नटवर नागेश नहीं दिखता
अकबर गीता रामचरित मानस वाला संदेश नहीं दिखता
शीश कटाने वाली अब हाड़ा का मान नहीं दिखता,
गुरु गोविंद जी के जैसा कोई बलिदान नहीं दिखता
हिंद महासागर की लहरों में तूफ़ान नहीं दिखता,
सौ करोड़ हिंदू हैं लेकिन, हिंदुस्तान नहीं दिखता
जिन लोगों ने गाली देकर माता का अपमान किया
हर हिंदू कश्मीरी पंडित को सूली पर टांग दिया
अगर नहीं जागा हिंदू तो फिर अंजाम बुरा होगा
भारत के टुकडे करने वालों से देश घिरा होगा।
अगर नहीं जागा हिंदू तो नामोनिशां नहीं होगा
सौ करोड हिंदू होगे लेकिन हिंदुस्तान नहीं होगा।।
जबलपुर से पधारे शायर सूरज राय सूरज ने सामाजिक विसंगतियों पर वर्तमान रिश्तों पर सच्चाई को शानदार अंदाज में पेश करते हुये कहा-
चेहरों पर मुस्कान, दिलों में लेकर खाई बैठे हैं,
कर के सारे भाई हिसाब-ए-पाई-पाई बैठे हैं।
आज वसीयत करने वाले हैं बाबूजी दौलत की,
घर में पहली बार इकट्ठे सारे भाई बैठे हैं।।”
हास्यव्यंग्य के सशख्त हस्ताक्षर कानपुर से पधारे के के अग्निहोत्री ने देश की राजनीति पर नेताओं को हास्य के माध्यम से आईना दिखाकर श्रोताओं को हंसने विवश कर दिया।
डाक्टर प्रेरणा ठाकरे ,काव्या मिश्रा ने श्रंगार रस होली गीतों से कविस्मेलन सम्मेलन को प्रेम का संदेश दिया।नगर के वरिष्ठ कवि ईश्वर दास पुरवार ने भारत माता पर अपनी कविता की प्रस्तुति दी।
कविस्मेलन की अध्यक्षता कर रहे नगर के वरिष्ठ साहित्यकार रामखेलावन गर्ग ने एक दोहा से देश के वर्तमान हालातों पर एक दोहे में कहा-दुर्लभ सारी सृष्टि में भारत जैसा देश जो चाहो सो लूट लो
धरकर भगवावेश।कार्यक्रम का संचालन कर रहे अतुल ज्वाला ने कविता से समां बांधा।कार्यक्रम के अंत में हास्य व्यंग्य के ख्याति लब्ध कवि लाफ्टर शो में अपनी अद्बितीय प्रस्तुति से अपनी अनूठी छवि निरूपित करने वाले सुरेश अलबेला ने हास्यरस से अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से श्रोताओं को खूब ठहाके लगवाये।
समाज में उत्कृष्ट कार्य करने पर चार विभूतियों का अभिनंदन
कविस्मेलन में कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सरावगी द्बारा समाजसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चार विभूतियों का अभिनंदन किया गया मैहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डा कैलाश जैन डा रोमिल सिंघई
उद्योगपति अरविंद गुगालिया साहित्यकार एवं चिंतक राजेंद्र ठाकुर को शालश्रीफल से उद्योगपति प्रवीण बजाज समाजसेवी अभिलाष दीक्षित द्बारा सम्मानित किया गया।इसके पूर्व अजय सरावगी द्बारा कटनी के इतिहास का विस्तार से वर्णन कर मुडवारा नामकरण के संबंध में जानकारी दी गयी।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कविस्मेलन में नगर के उद्योगपति प्रवीण बजाज समाजसेवी अभिलाष दीक्षित जसवीर सिंह टुटेजा कमल खूबचंदानी सुरेश ओचानी प्रभात तिवारी गुड्डू पाठक एसके खम्परिया रविन्द्र रवि
गीता पाठक गीता गुप्ता मंजूषा गौतम
पारस जैन (सिलकोबाइट),मगन जैन (वरदान ड्रेसेस), रजनीकांत गुप्ता, पत्रकार संजय अग्रवाल भवानी प्रसाद तिवारी,संजय तिवारी, खिवलदास पंजवानी, सौरभ जैन, अजय सिंह, सतीश खंपरिया, कालू झामनानी, संतोष निषाद, नरेश श्रीवास्तव, केशव साहू राकेश द्बिवेदी गुड्डू सहित बडी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
कविस्मेलन को गरिममामयी बनाया जायेगा।मुक्ति धाम विकास समिति एवं कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन ने होली पर आयोजित कविसम्मेलन में नगर के साहित्यप्रेमियों से आग्रह किया है अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाये लुत्फ उठाये।
सौ करोड हिंदू होगे, लेकिन हिंदुस्तान नहीं होगा—–
*गर्ग चौराहे में होली पर ऐतिहासिक अखिल भारतीय विराट कविसम्मेलन में देश के ख्यातिलब्ध कवियों ने समां बांधा
देश की सामाजिक- राजनैतिक विसंगतियों पर तीखे कटाक्ष से देर रात तक श्रोताओं ने लगाये ठहाके
कटनी।आपसी सदभाव के सतरंगी पर्व होली पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी होली पर एक शाम शहीदों के नाम हास्य हंगामा अखिल भारतीय विराट कविसम्मेलन नगर के ख्यातिलब्ध हास्य व्यंग्य कवि श्री मनोहर मनोज के सानिध्य एवं कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सरावगी के संयोजन में आयोजित किया गया।कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन एवं मुक्तिधाम विकास समिति ओमप्रकाश सरावगी निशुल्क विद्यालय के तत्वावधान में देश के ख्यातिलब्ध कवियों ने देर रात तक समां बांधा।देश में सामाजिक -राजनैतिक विसंगतियों पर साहित्यकारों ने तीखे कटाक्ष किये तथा देश की भावी सुरक्षा पर कविता के माध्यम से सुझाव भी दिये।हास्य व्यंग्य के साथ श्रृंगार रस ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में अतिथि कवियों का आयोजको ने पुष्प मालाओं से अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रामखेलावन गर्ग ने की तथा सफल संचालन हास्य कवि अतुल ज्वाला ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणावादिनी के तैलचित्र पर अतिथि साहित्यकारों ने दीपप्रज्जवलित कर किया कवियत्री काव्या मिश्रा ने सरस्वती वंदना की शानदार प्रस्तुति दी कविसम्मेलन में नगर युवा साहित्यकार मुकेश त्रिपाठी ने भारत देश की मिट्टी को नमन करने वाली शानदार कविता में कहा-
आरती के स्वर जहां मिलते अज़ान में,
सब लोग झूम जाते हैं मुरली की तान में,
जहां जन्म लेने को देवता तरसते हैं,
मैं धन्य हूँ, पैदा हुआ हिंदूस्तान में।ओजस्वी कवि वैभव अवस्थी ने देश के इतिहास से वर्तमान परिवेश पर चेतनापूर्ण अपनी वीररस की कविताओं से श्रोताओं में भरपूर जोश भर दिया।उन्होंने कहा कल तक जो दिखता था वह स्वर्णिम परिवेश नहीं दिखता,हिंदू तन मन हिंदु जीवन का संदेश नहीं दिखताआग उगलने वाला अब नटवर नागेश नहीं दिखता अकबर गीता रामचरित मानस वाला संदेश नहीं दिखता शीश कटाने वाली अब हाड़ा का मान नहीं दिखता, गुरु गोविंद जी के जैसा कोई बलिदान नहीं दिखता
हिंद महासागर की लहरों में तूफ़ान नहीं दिखता,
सौ करोड़ हिंदू हैं लेकिन, हिंदुस्तान नहीं दिखता
जिन लोगों ने गाली देकर माता का अपमान किया
हर हिंदू कश्मीरी पंडित को सूली पर टांग दिया
अगर नहीं जागा हिंदू तो फिर अंजाम बुरा होगा
भारत के टुकडे करने वालों से देश घिरा होगा।
अगर नहीं जागा हिंदू तो नामोनिशां नहीं होगा
सौ करोड हिंदू होगे लेकिन हिंदुस्तान नहीं होगा।।
जबलपुर से पधारे शायर सूरज राय सूरज ने सामाजिक विसंगतियों पर वर्तमान रिश्तों पर सच्चाई को शानदार अंदाज में पेश करते हुये कहा-
चेहरों पर मुस्कान, दिलों में लेकर खाई बैठे हैं,
कर के सारे भाई हिसाब-ए-पाई-पाई बैठे हैं।
आज वसीयत करने वाले हैं बाबूजी दौलत की,
घर में पहली बार इकट्ठे सारे भाई बैठे हैं।।”
हास्यव्यंग्य के सशख्त हस्ताक्षर कानपुर से पधारे के के अग्निहोत्री ने देश की राजनीति पर नेताओं को हास्य के माध्यम से आईना दिखाकर श्रोताओं को हंसने विवश कर दिया। डाक्टर प्रेरणा ठाकरे ,काव्या मिश्रा ने श्रंगार रस होली गीतों से कविस्मेलन सम्मेलन को प्रेम का संदेश दिया।नगर के वरिष्ठ कवि ईश्वर दास पुरवार ने भारत माता पर अपनी कविता की प्रस्तुति दी। कविस्मेलन की अध्यक्षता कर रहे नगर के वरिष्ठ साहित्यकार रामखेलावन गर्ग ने एक दोहा से देश के वर्तमान हालातों पर एक दोहे में कहा-दुर्लभ सारी सृष्टि में भारत जैसा देश जो चाहो सो लूट लो
धरकर भगवावेश।कार्यक्रम का संचालन कर रहे अतुल ज्वाला ने कविता से समां बांधा।कार्यक्रम के अंत में हास्य व्यंग्य के ख्याति लब्ध कवि लाफ्टर शो में अपनी अद्बितीय प्रस्तुति से अपनी अनूठी छवि निरूपित करने वाले सुरेश अलबेला ने हास्यरस से अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से श्रोताओं को खूब ठहाके लगवाये।
समाज में उत्कृष्ट कार्य करने पर चार विभूतियों का अभिनंदन
कविस्मेलन में कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सरावगी द्बारा समाजसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चार विभूतियों का अभिनंदन किया गया मैहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डा कैलाश जैन डा रोमिल सिंघई
उद्योगपति अरविंद गुगालिया साहित्यकार एवं चिंतक राजेंद्र ठाकुर को शालश्रीफल से उद्योगपति प्रवीण बजाज समाजसेवी अभिलाष दीक्षित द्बारा सम्मानित किया गया।इसके पूर्व अजय सरावगी द्बारा कटनी के इतिहास का विस्तार से वर्णन कर मुडवारा नामकरण के संबंध में जानकारी दी गयी।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कविस्मेलन में नगर के उद्योगपति प्रवीण बजाज समाजसेवी अभिलाष दीक्षित जसवीर सिंह टुटेजा कमल खूबचंदानी सुरेश ओचानी प्रभात तिवारी गुड्डू पाठक एसके खम्परिया रविन्द्र रवि गीता पाठक गीता गुप्ता मंजूषा गौतम
पारस जैन (सिलकोबाइट),मगन जैन (वरदान ड्रेसेस), रजनीकांत गुप्ता, पत्रकार संजय अग्रवाल भवानी प्रसाद तिवारी,संजय तिवारी, खिवलदास पंजवानी, सौरभ जैन, अजय सिंह, सतीश खंपरिया, कालू झामनानी, संतोष निषाद, नरेश श्रीवास्तव, केशव साहू राकेश द्बिवेदी गुड्डू सहित बडी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
कविस्मेलन को गरिममामयी बनाया जायेगा।मुक्ति धाम विकास समिति एवं कटनी टेंट लाईट एसोसिएशन ने होली पर आयोजित कविसम्मेलन में नगर के साहित्यप्रेमियों से आग्रह किया है अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाये लुत्फ उठाये।
सूरज राय सूरज चेहरों पर मुस्कान, दिलों में लेकर खाई बैठे हैं,
कर के सारे भाई हिसाब-ए-पाई-पाई बैठे हैं।
आज वसीयत करने वाले हैं बाबूजी दौलत की,
घर में पहली बार इकट्ठे सारे भाई बैठे हैं।।”
सूरज राय सूरज चेहरों पर मुस्कान, दिलों में लेकर खाई बैठे हैं,
कर के सारे भाई हिसाब-ए-पाई-पाई बैठे हैं।
आज वसीयत करने वाले हैं बाबूजी दौलत की,
घर में पहली बार इकट्ठे सारे भाई बैठे हैं।।”
