Friday, May 15, 2026
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JNU में फिर हिंसा- ABVP और AISA छात्र संगठन के गुटों के बीच टकराव; कई छात्र बुरी तरह घायल

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) छात्र संगठन और लेफ्ट समर्थक AISA छात्र संगठन के गुटों के बीच टकराव देखने को मिला।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है की जब वो लोग यूनिवर्सिटी में मीटिंग कर रहे थे उसी दौरान AISA से जुड़े छात्रों ने आकर मारपीट की।

आरोप है कि कई छात्रों को चोट आई, जिसके बाद घायल छात्रों का एम्स में इलाज करवाया गया. मामला 14 नवंबर रात 9 बजकर 45 मिनट का है। इस मामले में दिल्ली के वसंत कुंज पुलिस स्टेशन में ABVP की तरफ से शिकायत दी गई है, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।

एबीवीपी की जेएनयू यूनिट ने दावा किया है कि रविवार देर रात हुई इस मारपीट में उनके कई कार्यकर्ता बुरी तरह से घायल हुए हैं. वहीं जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता आइशी घोष (Aishe Ghosh) ने हमले के लिए एबीवीपी पर आरोप लगाया है।

घायल छात्रों को एम्स में कराया गया भर्ती

एबीवीपी (ABVP) द्वारा जारी बयान के मुताबिक लेफ्ट छात्रों द्वारा किए गए हमले में एबीवीपी के कई छात्र बुरी घायल हुए हैं, जिसमें महिला छात्र भी शामिल हैं और गंभीर रूप से घायल छात्रों का एम्स (AIIMS) में इलाज करवाया जा रहा है।

एबीवीपी के मुताबिक वामपंथी छात्रों ने महिलाओं और दिव्यांगों पर भी हमला किया. जेएनयू में पढ़ने वाली एबीवीपी से जुड़ी श्रीदेवी की गर्दन पर वामपंथी छात्रों ने मारा, तो दिव्यांग छात्र अंकित की भी पिटाई की. वामपंथी छात्रों के हमले में कन्हैया और अभिषेक नाम के छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और दोनों को फ्रैक्चर हुआ है।

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने ABVP पर लगाया हमले का आरोप

हादसे के बाद स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता और जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष (Aishe Ghosh) ने बयान जारी कर कहा, ‘ABVP के गुंडों ने जेएनयू में आज हिंसा फैलाई. बार-बार इन अपराधियों ने छात्रों पर हिंसा की है और कैंपस लोकतंत्र को बाधित किया है. क्या जेएनयू प्रशासन अब भी चुप रहेगा? क्या गुंडों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी?’ इसके साथ ही उन्होंने हमले में घायल छात्रों की तस्वीरें भी शेयर की।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम