मध्यप्रदेश

Court Decision On NCERT: किताबों के प्रकाशन में रिसाइकल पेपर के इस्तेमाल से बच्चे बीमार

इंदौर Court Decision On NCERT । केंद्र शासन, राज्य सरकार और एनसीइआरटी को सोमवार को हाई कोर्ट में बताना है कि क्या सरकारी किताबों के प्रकाशन में रिसाइकल पेपर के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है।

कोर्ट ने केंद्र, राज्य शासन और एनसीइआरटी से यह जवाब उस जनहित याचिका में मांगा है जिसमें स्कूली बच्चों की किताब-कापियों में रिसाइकल पेपर के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है।

कहा है कि खराब, रद्दी पेपर को सफेद और फ्रेश बनाने के लिए कई तरह के केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं। रिसाइकल पेपर पर छपी पुस्तकें और कापियों का इस्तेमाल बच्चों के लिए नुकसानदायक है।

हाई कोर्ट में जनहित याचिका गोपाल शर्मा ने एडवोकेट जैरी लोपेज के माध्यम से दायर की है। कहा है कि केंद्र सरकार के अलीगढ़ स्थित जांच संस्थान ने खुद माना है कि रिसाइकल कर बनाया गया कागज स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। पंजाब, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित देश के दस प्रदेश हैं जो बच्चों की पुस्तकों और कापियों में रिसाइकल कागज का इस्तेमाल करने पर रोक लगा चुके हैं, लेकिन मप्र में अब तक कोई रोक नहीं लगी।

याचिका में मांग है कि केंद्र सरकार इस संबंध में दिशा निर्देश जारी करे ताकि बच्चों की पुस्तकों और कापियों में रिसाइकल कागज के इस्तेमाल पर रोक लग सके। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सोमवार को पक्षकारों की तरफ से जवाब प्रस्तुत हो सकता है।

 

 

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम