पूरक परीक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में माशिमं, फेल होने पर दोबारा परीक्षा दे सकेंगे छात्र

भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल अब सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म कर सकता है। अब रिजल्ट आने के बाद 4 महीने के अंतराल में दोबारा परीक्षा ली जाएगी। अगर कोई स्टूडेंट सभी सब्जेक्ट में पास नहीं हुआ है तो वह हर विषय की परीक्षा एक बार फिर दे सकता है। वहीं पास हुए स्टूडेंट भी कम माक्र्स आने पर 4 महीने के बाद अपना एग्जाम दोबारा दे सकते हैं। इस प्रस्ताव का एमपी बोर्ड की कार्यपालिका समिति ने मंजूरी दे दी है।
बोर्ड परीक्षा की तारीख में बदलाव
10वीं 12वीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल बदल दिया गया है। 19 मार्च को रंग पंचमी होने के कारण परीक्षा को आगे बढ़ा दिया गया है। अब दसवीं के विज्ञान की परीक्षा और 12वीं की एनएसक्यूएफ वा शारीरिक शिक्षा का एग्जाम 21 मार्च को लिया जाएगा। परीक्षा का टाइम सुबह 9:00 से 12 तक रहेगा।
सर्वसुविधायुक्त स्कूलों में बनाए जाएंगे परीक्षा केन्द्र
माशिमं की 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होने जा रही है। इस बार उन्ही स्कूलों में एक्जाम सेंटर्स बनाए जाएंगे। जिसमें वॉशरूम, पानी और सीसीटीवी का इंतजाम होगा। अब नीचे बैठकर स्टूडेंट अब एग्जाम नहीं देंगे। कलेक्टरों को व्यवस्था के लिए एक लाख रुपया का फंड जारी किया गया है। परीक्षा केंद्र पर फर्नीचर की कमी होने पर नजदीकी स्कूलों से फर्नीचर लाने का सुझाव भी दिया गया है। अब पूरी व्यवस्था के साथ छात्र परीक्षा में बैठेंगे।
प्रश्नपत्र लीक होने से बचने की तैयारी
10वीं 12वीं की परीक्षा में 17 लाख छात्र शामिल होने वाले हैं। प्रश्र पत्र लीक होने से बचने के लिए माशिमं ने परीक्षा की निगरानी ऑनलाइन माध्यम से करना जरूरी समझा है। इस बार ऑनलाइन माध्यम से निगरानी रखी जाएगी हर जिले में विशेष केंद्र से निगरानी रखी जाएगी। एग्जाम ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को प्रवेश कार्ड लगाना जरूरी होगा। परीक्षा केंद्र पर एक पेटी भी राखी रहेगी जिसमें छात्र के पास अगर कोई कागज है पर्ची है या नकल समान है तो इसमें वह डाल सकेंगे।
व्यवस्था पर रखा जाएगा ध्यान
परीक्षा केन्द्र पर केंद्र अध्यक्ष या सुनिश्चित करेंगे सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है या नहीं। सभी व्यवस्था परीक्षा से एक दिन पहले पूरी हो जाएगी। इसमें छात्रों को बैठने का प्रबंध महत्वपूर्ण है। इस बार 3887 पर्रीक्षा केन्द्र बनाए जा रहे हैं। इसमें 562 संवेदनशील और अति संवेदन शील केंद्र होंगे।







