हाईकोर्ट का फैसला: मध्य प्रदेश में हाईस्कूल शिक्षक भर्ती नियमों में होगा संशोधन

हाईकोर्ट का फैसला: मध्य प्रदेश में हाईस्कूल शिक्षक भर्ती नियमों में होगा संशोधन

हाईकोर्ट का फैसला: मध्य प्रदेश में हाईस्कूल शिक्षक भर्ती नियमों में होगा संशोधन। हाई कोर्ट ने राज्य शासन को हाईस्कूल शिक्षक भर्ती नियमों में संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इसके लिए दो दिन की मोहलत दी है। मामला आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को योग्यता में छूट से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 18 दिसंबर को निर्धारित की है।

हरदा निवासी शिवानी शाह सहित अलग-अलग जिलों से कई उम्मीदवारों ने याचिकाएं दायर की हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी कि 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था।
लेकिन केवल 12 हजार पदों पर ही नियुक्तियां की गईं हैं। शेष पांच हजार पद रिक्त हैं।
डीपीआई ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि 448 शिक्षक हैं, जिनकी स्नातकोत्तर (पीजी) की अंकसूची में 45 प्रतिशत से अधिक तथा 50 प्रतिशत से कम अंक हैं।इनकी अंकसूची में द्वितीय क्षेणी लिखा होने के कारण नियुक्ति दी गई है।
दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं के अंक 50 प्रतिशत से कम तथा 45 प्रतिशत से अधिक हैं लेकिन उनकी अंकसूची में तृतीय श्रेणी लिखा होने के कारण नियुक्ति नहीं दी गई।

पीएम श्री काॅलेज में बनेगा 500 छात्राओं के लिए छात्रावास

प्रधानमंत्री काॅलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय महाकोशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। तीन करोड़ रुपये से यह भवन बनेगा। पुराने स्नातकोत्तर भवन की इमारत को तोड़कर कालेज प्रबंधन छात्रावास का निर्माण करेगा। इसके अलावा दो करोड़ रुपये से कालेज उन्नयन और साफ्टवेयर खरीदी की जाएगी। काॅलेज प्रबंधन ने बताया कि बजट का आवंटन हो चुका है प्रदेश के सभी पीएम श्री काॅलेजों को यह राशि दी गई है।naidunia_image

महाकोशल कला एवं वाणिज्य कालेज के प्राचार्य डा.अल्केश चतुर्वेदी ने बताया कि काॅलेज के पास भवन की जरूरत लंबे समय से थी जो आगामी मार्च तक पूरी हो जाएगी।
मुख्य इमारत से लगी हुई अन्य इमारत का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है जिसके बाद विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं की कमी नहीं होगी।
रिसर्च और प्रयोगशाला के अलावा अन्य जरूरत की सुविधा भी मुहैया हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि अब बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की आवश्यक्ता महसूस हो रही है जिसके लिए बजट आवंटित हो चुका है। करीब 500 छात्राओं के लिए यह छात्रावास निर्माण होगा।
बहुमंजिला इमारत बनाई जाएगी। इसके बाद लड़कों के लिए छात्रावास की सुविधा देने के लिए भविष्य में प्रोजेक्ट शासन को दिया जाएगा।
दो करोड़ से अन्य कार्य- कालेज में तीन करोड़ से जहां भवन निर्माण होगा। वहीं शेष दो करोड़ रुपये से कालेज का अपग्रेडेशन, सामग्री क्रय और साफ्टवेयर लिया जाएगा।

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