बालाघाट में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश: AI टूल से 450 सिम एक्टिवेट हुए

बालाघाट में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश: AI टूल से 450 सिम एक्टिवेट हुए

बालाघाट। बालाघाट में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश: AI टूल से 450 सिम एक्टिवेट हुए, बालाघाट पुलिस ने एआइ (फेस एनालिसिस टूल) की मदद से फर्जी सिम रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने पाया कि 2019 से 2022 के बीच पांच अलग-अलग चेहरों का इस्तेमाल कर कुल 450 सिम एक्टिवेट की गई थीं।

बालाघाट में फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश: AI टूल से 450 सिम एक्टिवेट हुए

पुलिस के अनुसार, पीओएस एजेंटों ने कूटरचित दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर ये सिम भोपाल और उत्तरप्रदेश तक पहुंचाई। कोतवाली थाने में तीन प्रकरणों में कुल 19 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की योजना है।

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एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित ‘आपरेशन फेस’ के तहत यह कार्रवाई की गई। आरोपित आम लोगों के आधार, वोटर आईडी जैसी पहचान पत्रों की फोटोकॉपी में हेरफेर कर सिम एक्टिवेट कर रहे थे।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अपने पहचान पत्र किसी अनजान व्यक्ति को न दें और सिम जारी करते समय स्वयं उपस्थित रहें। फर्जी सिम का पता लगाने के लिए ‘संचार साथी’ एप का उपयोग किया जा सकता है।

मुख्य बिंदु:

पांच व्यक्तियों के चेहरे का इस्तेमाल कर अलग-अलग नाम पर 450 सिम एक्टिवेट। एक महिला के चेहरे से 72 सिम, अन्य व्यक्ति के चेहरे से 97 सिम एक्टिवेट। उत्तरप्रदेश के तार मिले, सिम भोपाल से खरीदकर वहां भेजी जा रही थी। संभावित उपयोग: साइबर अपराध और पीओएस एजेंटों द्वारा लक्ष्य प्राप्ति।

एसआईटी की जांच अभी जारी है, और पता लगाया जा रहा है कि इन फर्जी सिम का वास्तविक उपयोग कहां और किस उद्देश्य से किया गया।

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