कानून की बेसिक नॉलेज नहीं? नर्मदापुरम पुलिस पर भड़का हाई कोर्ट, दुष्कर्म मामले में की थी अवैध जांच
कानून की बेसिक नॉलेज नहीं? नर्मदापुरम पुलिस पर भड़का हाई कोर्ट, दुष्कर्म मामले में की थी अवैध जांच। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नर्मदापुरम जिले के पुलिस कप्तान (SP) और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की एकल पीठ ने एक दुष्कर्म मामले में पुलिस द्वारा की गई ‘समानांतर जांच’ (Parallel Investigation) को कानून के विरुद्ध बताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
कानून की बेसिक नॉलेज नहीं? नर्मदापुरम पुलिस पर भड़का हाई कोर्ट, दुष्कर्म मामले में की थी अवैध जांच
क्या है पूरा मामला?
मामला इटारसी का है, जहाँ एक युवती ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। FIR दर्ज होने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत जांच होनी चाहिए थी, लेकिन यहाँ पुलिस ने एक अलग रास्ता चुना:
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आरोपित के पिता का आवेदन: आरोपित के पिता ने पुलिस को आवेदन देकर शिकायत को झूठा बताया था।
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अधिकारियों का निर्देश: इस आवेदन के आधार पर नर्मदापुरम एसपी के निर्देश पर इटारसी के एसडीओपी (SDPO/DSP) ने मामले की समानांतर जांच शुरू कर दी।
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कोर्ट की आपत्ति: हाई कोर्ट ने इस पर सख्त आपत्ति लेते हुए कहा कि जब एक बार FIR दर्ज हो चुकी है, तो आरोपी पक्ष के कहने पर इस तरह की अलग से जांच करना कानूनन गलत है।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: ‘आश्चर्यजनक है वरिष्ठों का अज्ञान’
जस्टिस अहलूवालिया ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि इतने वरिष्ठ पदों पर बैठे पुलिस अधिकारियों को कानून की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस अब अदालती प्रक्रिया से ऊपर जाकर अपनी मर्जी से जांच का स्वरूप तय करेगी?

