Government Schools in Jabalpur। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह ने जारी बयान में बताया है कि सोमवार से सभी सरकारी स्कूल पूरी क्षमता के साथ खुल गए हैं। लेकिन प्रदेश के अनेक सरकारी स्कूलों के भवन दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे है। बारिश के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। स्कूलों की लिपाई पुताई और मरम्मत ना होने से सरकारी स्कूल जर्जर नजर आ रहे है।जिसमें बैठने वाले विद्यार्थी व शिक्षकों को खतरे का अंदेशा बना हुआ है। लंबे समय से बंद स्कूलों की के शौचालय आवारा तत्वों द्वारा तोड़ दिए गए हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षकों को बैठने के लिए फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं है, पीने के पानी के नल भी खराब पड़े है।
बिजली भी नहीं अंधेरे में कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी: संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने बताया कि अनेक सरकारी स्कूलों में अभी तक बिजली कनेक्शन तक नहीं लिए गए हैं। कई जगह बिजली के तार निकल आए हैं। जिससे दुर्घटनाओं की आंशका बनी हुई है। वाहन रखने स्टैंड खराब हो चुके है। जिला शिक्षा अधिकारी की उदासीनता के कारण अनेक स्कूलों में चपरासी, सफाई कर्मी नहीं है, चौकीदार ना होने से असमाजिक तत्वों ने शिक्षा के मंदिर को जुआ जैसे असमाजिक कार्यों का अड्डा बना लिया था। कुछ स्कूलों की दीवार टूट चुकी है, जबकि अधिकांश के दरवाजे चोरी हो गए गए हैं।
दुरूस्त की जाए व्यवस्थाएं: मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के जिला संरक्षक योगेंद दुबे, जिलाध्यक्ष अटल उपाध्याय, मुकेश चतुर्वेदी, संतोष मिश्रा, देव दोनेरिया, नरेश शुक्ला, विश्वदीप पटेरिया, योगेश चौधरी, प्रशांत सोंधिया, अजय दुबे रवि दहायत, एसके वांदिल, संजय गुजराल, योगेन्द्र मिश्रा, यू एसकरोसिया, सतीश उपाध्याय, दाल चंद पासी, नरेंद्र सेन, राजेन्द्र त्रिपाठी, धीरेंद्र सिंह, प्रदीप पटैल, वीरेंद्र तिवारी, राजू मस्के ,चंदू जाऊलकर, पीएल गौतम, रवि बांगड़, संतोष दुबे आदि ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूलों की व्यवस्थाएं दुरूस्त करने की मांग की है।

