जबलपुर में अवैध कॉलोनियों का जाल: सर्किल रेट बढ़ते ही फिर सक्रिय हुए कॉलोनाइजर, पाटन-बायपास बना हॉटस्पॉट। जिले में 1 अप्रैल से जमीनों के सर्किल रेट बढ़ने के बाद अवैध कॉलोनियों का कारोबार एक बार फिर तेज हो गया है। शहर के रिंग रोड और बायपास से लगे इलाकों में बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं और बड़े पैमाने पर प्लाट काटकर बेचे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियों का जाल पाटन बायपास से पाटन, कटंगी बायपास से कटंगी और बरेला, बरगी व पनागर क्षेत्रों में फैलता नजर आ रहा है। यहां किसान जमीनों पर एग्रीमेंट कर बिल्डर धड़ल्ले से प्लाटिंग कर रहे हैं।
प्रशासन की सूची में 99 कॉलोनियां, कार्रवाई सिर्फ 12 पर
चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन पहले ही 99 अवैध कॉलोनियों को चिन्हित कर चुका है। इसके बावजूद इन जगहों पर प्लॉट काटकर बेच दिए गए और अब मकान भी बन रहे हैं। हालांकि अब तक केवल 10 से 12 मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो सकी है, जबकि बाकी मामलों में कार्रवाई पिछले छह महीनों से फाइलों में ही अटकी हुई है।
हाईटेंशन लाइन के नीचे तक काट दिए प्लॉट
पाटन बायपास के सूखा क्षेत्र में एनटीपीसी की हाईटेंशन लाइन के नीचे तक अवैध कॉलोनी विकसित कर दी गई। श्रीराम नगर खसरा नंबर 434/1 में बिल्डर द्वारा सैकड़ों प्लॉट बेचे जा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पर न तो राजस्व विभाग की नजर पड़ी और न ही जिला प्रशासन की कॉलोनी सेल ने मौके पर जांच की।
एग्रीमेंट के जरिए जमीन का खेल
अवैध कॉलोनियां बसाने के लिए बिल्डर किसानों से जमीन खरीदने के बजाय एग्रीमेंट कर रहे हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। इसके बाद वहां सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं का अधूरा निर्माण कर प्लॉट बेच दिए जाते हैं।
कई जगहों पर बिजली कनेक्शन तक दे दिए गए हैं, जबकि कॉलोनी वैध नहीं है।
लोगों को हो रहा भारी नुकसान
खरीदार: न मकान निर्माण की अनुमति, न बैंक लोन; भविष्य में तोड़फोड़ का खतरा
किसान: पूरी रकम नहीं मिलती, कानूनी विवाद में फंस रहे
प्रशासन:राजस्व का नुकसान, अनियोजित विकास
स्थानीय व्यवस्था: सड़क, पानी, सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव
बुनियादी सुविधाओं का अभाव
इन अवैध कॉलोनियों में न पीने के पानी की व्यवस्था है, न सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम। बिजली की व्यवस्था भी अस्थायी कनेक्शनों पर टिकी है। साथ ही गंदा पानी और मलबा आसपास के खेतों और सड़कों पर फैल रहा है, जिससे पर्यावरण और ग्रामीण जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
प्रभारी कलेक्टर रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और पाटन क्षेत्र में भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।bवहीं एसडीएम मानवेंद्र सिंह के अनुसार, अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट तैयार कर कॉलोनी सेल को भेजी जा रही है और सूखा क्षेत्र की कॉलोनी पर जल्द कार्रवाई होगी। सर्किल रेट बढ़ने के बाद जहां जमीन का बाजार गर्म हुआ है, वहीं अवैध कॉलोनियों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। प्रशासन की धीमी कार्रवाई के चलते न सिर्फ आम लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं, बल्कि शहर का नियोजित विकास भी प्रभावित हो रहा है।

