Gandhwani Opinion Poll: गंधवानी में पहली बार कमल की उमंग या चौथी बार जीतेगा सिंघार

Gandhwani Opinion Poll: गंधवानी में पहली बार कमल की उमंग या चौथी बार सिंघार जीतेगा  । गंधवानी विधानसभा सीट मालवा-निमाड़ अंचल में कांग्रेस के दबदबे वाली सीट मानी जाती है. 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर कांग्रेस लगातार जीत हासिल कर रही है. कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री जमुना देवी के भतीजे उमंग सिंघार इस सीट से तीन विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, जबकि चौथी बार वह यहां से प्रत्याशी हैं, बीजेपी ने इस बार उनके सामने वर्तमान जिला अध्यक्ष सरदार सिंह मेडा को उतारा है.

गंधवानी में 73.01 प्रतिशत मतदान

 

गंधवानी विधानसभा सीट पर इस बार कुल 73.01 प्रतिशत मतदान हुआ है. आदिवासी बहुल इस सीट पर बीजेपी को अपनी पहली जीत का इंतजार है. 2018 में भी यही दोनों प्रत्याशी आमने-सामने थे. जहां उमंग सिंघार ने सरदार सिंह मेडा को हराया था. जीत के बाद वह कमलनाथ सरकार में मंत्री भी बने थे. उमंग सिंघार अपने कई विवादों की वजह से भी सुर्खियों में रहते हैं.

 

गंधवानी विधानसभा सीट का इतिहास

पूर्व उप मुख्यमंत्री जमुना देवी आदिवासी अंचल की कद्दावर नेता थीं. उन्हीं के साथ उमंग सिंघार की भी आदिवासियों के बीच पकड़ मजबूत हो गई. इसी बीच जमुना देवी का स्वास्थ्य खराब होने लगा, तब से ही उमंग के राजनीति में आने के चर्चे शुरू हो गए थे. गंधवानी कांग्रेस का गढ़ बनी हुई है. परिसीमन के बाद से ही गंधवानी विधानसभा में उमंग का कब्जा रहा. साल 2008, 2013, और 2018 से कांग्रेस के उमंग ही यहां से लगातार जीत रहे हैं.

उमंग सिंघार इस बार के कार्यकाल में कई विवादों में रहे हैं, मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं को घेर दिया था. लेकिन पार्टी ने उन पर एक बार फिर भरोसा जताया था. क्योंकि उमंग सिंघार की बड़ी सियासी विरासत हैं. वहीं बीजेपी के सरदार सिंह मेडा दो चुनाव हार चुके हैं. लेकिन पार्टी ने उन्हें तीसरी बार लड़ाया है. खास बात यह है कि इस बार सरदार सिंह मेडा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं. ऐसे में चुनाव के दौरान दोनों प्रत्याशियों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया है.

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