अगली बार केवल जवाब नहीं देंगे, युद्ध की दिशा तय करेंगे”: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पर वाइस एडमिरल एएन प्रमोद की पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी
अगली बार केवल जवाब नहीं देंगे, युद्ध की दिशा तय करेंगे”: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पर वाइस एडमिरल एएन प्रमोद की पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी। आज भारत की सामरिक शक्ति के प्रतीक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक साल पूरा हो गया है। इस अवसर पर भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने उस ऐतिहासिक रात की यादें साझा कीं, जब भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर दुश्मन के दुस्साहस का करारा जवाब दिया था। उन्होंने साफ किया कि इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकवादियों को धूल चटाई, बल्कि पाकिस्तान की ‘परमाणु ब्लैकमेल’ की नीति को भी हमेशा के लिए बेअसर कर दिया।
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अगली बार केवल जवाब नहीं देंगे, युद्ध की दिशा तय करेंगे”: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पर वाइस एडमिरल एएन प्रमोद की पाकिस्तान को दोटूक चेतावनी
बंदरगाहों तक सिमट गई थी पाक नौसेना
वाइस एडमिरल ने बताया कि 6-7 मई की रात को जब तीनों सेनाओं ने ‘प्रिसीजन स्ट्राइक’ शुरू की, तो भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने जबरदस्त दबाव बनाया।
- रक्षात्मक स्थिति: भारतीय युद्धपोतों और पनडुब्बियों के आक्रामक रुख को देखकर पाकिस्तान की नौसैनिक और वायु इकाइयां पूरी तरह रक्षात्मक हो गईं।
- घेराबंदी: पाकिस्तानी बेड़े अपने बंदरगाहों तक सीमित रह गए या अपने तट के बेहद करीब ही संचालन कर पाए। उत्तरी अरब सागर में भारत की इस ‘आक्रामक मुद्रा’ ने पाक के आर्थिक व्यापार मार्गों पर भारी दबाव बनाया।
स्वदेशी तकनीक और सटीक प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में भारत की स्वदेशी अत्याधुनिक तकनीकों का अहम योगदान रहा।
- हथियार: ड्रोन, मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम और काउंटर-ड्रोन तकनीक ने युद्धक्षेत्र में भारत को बढ़त दिलाई।
- सटीक निशाना: पाकिस्तान के भीतर स्थित आतंकी ठिकानों पर लंबी दूरी के प्रिसीजन हथियारों (Precision Weapons) से प्रहार किया गया, जिससे दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
भविष्य के लिए कड़ा संदेश: “शुरुआत से ही तय करेंगे दिशा”
भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर हमारे संतुलित संकल्प का प्रमाण था, लेकिन भविष्य में हमारी प्रतिक्रिया और भी स्थायी और निर्णायक होगी। यदि हमें दोबारा चुनौती दी गई, तो हम केवल प्रतिक्रिया (React) नहीं देंगे, बल्कि शुरुआत से ही युद्धक्षेत्र की दिशा और दशा तय करेंगे।”
रणनीतिक विजन और सैन्य एकता
उन्होंने इस जीत का श्रेय राष्ट्रीय नेतृत्व के स्पष्ट विजन और तीनों सेनाओं (Army, Navy, Air Force) के बीच के अद्भुत तालमेल को दिया। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब ‘सटीक और अनुपातिक शक्ति’ के माध्यम से देने में सक्षम है।

