बड़वानी: राजपुर में लोकायुक्त का बड़ा धमाका, 50% कमीशन मांग रहे 3 सरकारी डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
बड़वानी: राजपुर में लोकायुक्त का बड़ा धमाका, 50% कमीशन मांग रहे 3 सरकारी डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए लोकायुक्त इंदौर की टीम ने गुरुवार को बड़वानी जिले के राजपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो मेडिकल ऑफिसर और एक संविदा डॉक्टर को एक पैथोलॉजी लैब संचालक से हजारों रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर लैब में जांच भेजने के बदले 50 प्रतिशत तक कमीशन की मांग कर रहे थे।
बड़वानी: राजपुर में लोकायुक्त का बड़ा धमाका, 50% कमीशन मांग रहे 3 सरकारी डॉक्टर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
क्या है पूरा मामला?
राजपुर निवासी अदनान अली, जो सेवा पैथोलॉजी लैब के मैनेजर हैं, ने लोकायुक्त इंदौर एसपी राजेश सहाय से शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, राजपुर CHC के मेडिकल ऑफिसर अमित शाक्य, दिव्या सांई और संविदा डॉक्टर मनोहर गोदारा मरीजों को जांच के लिए उनकी लैब भेजने के बदले पहले 20% कमीशन लेते थे। लेकिन हाल ही में उन्होंने इस कमीशन को बढ़ाकर 50% कर दिया था।
लोकायुक्त का बिछाया जाल और गिरफ्तारी
आवेदक की शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया। जैसे ही डॉक्टर रिश्वत की राशि लेने के लिए तैयार हुए, टीम ने दबिश दी:
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डॉ. अमित शाक्य: 8 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।
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डॉ. दिव्या सांई: 5 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार।
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डॉ. मनोहर गोदारा: 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए।
भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी: पहले भी आ चुके हैं मामले
राजपुर और बड़वानी जिले में पिछले दो महीनों में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं:
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केस 1 (6 अप्रैल): बीईओ कार्यालय के लेखा प्रभारी प्रदीप मंडलोई 7 हजार की रिश्वत लेते धराए।
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केस 2 (18 मार्च): निवाली बीआरसी को 5 हजार रुपये लेते पकड़ा गया।
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केस 3 (9 मार्च): अंजड़ में पुलिस उपनिरीक्षक और आरक्षक पर 50 हजार की रिश्वत मांगने का केस दर्ज हुआ।
कार्रवाई करने वाली टीम
डीएसपी सुनील तालान के नेतृत्व में इस सफल ट्रैप में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक मिश्रा और महिला आरक्षक जाह्नवी सेंगर सहित अन्य सदस्य शामिल थे। फिलहाल तीनों डॉक्टरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

