पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला- बोले,’रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से कहें और पर्ची निकालकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं’

रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी चुनावों और राजनीतिक बदलावों के बीच अब संतों और कथावाचकों के बहाने कांग्रेस और बीजेपी में तीखी जंग छिड़ गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने बिलासपुर में मीडिया से बात करते हुए और सोशल मीडिया पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य और उनके शिष्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Bageshwar Dham) पर तीखा तंज कसा है।

बघेल ने चुटीले अंदाज में कहा कि यदि बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर्ची देखकर लोगों का भूत-भविष्य सब कुछ बता सकते हैं, तो उन्हें अपने गुरु रामभद्राचार्य से निर्देश लेकर देश की जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने की पर्ची भी निकालनी चाहिए।पूर्व CM भूपेश बघेल का बड़ा हमला- बोले,’रामभद्राचार्य अपने चेले धीरेंद्र शास्त्री से कहें और पर्ची निकालकर पेट्रोल-डीजल के दाम कम करवाएं’

‘धीरेंद्र शास्त्री से कम करवाएं पेट्रोल-डीजल के दाम’

पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर रामभद्राचार्य और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की गुरु-शिष्य परंपरा को आड़े हाथों लेते हुए कहा:

“मैं रामभद्राचार्य जी से विनम्र निवेदन करता हूं कि उनके शिष्य धीरेंद्र शास्त्री जी उनके चरणों में बैठे रहते हैं और पर्ची देखकर सब कुछ बता देते हैं। ऐसे में रामभद्राचार्य जी अपने चेले को थोड़ा निर्देशित करें कि वे पर्ची निकालकर देश में पेट्रोल-डीजल के भाव भी थोड़े कम करवा दें, ताकि जनता का भला हो।”

‘गौ-मांस भक्षक’ मंत्री पर उठाए सवाल, पीएम मोदी पर भी कसा तंज

भूपेश बघेल ने अपने बयानों में केवल कथावाचकों को ही नहीं घेरा, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल को भी लपेटे में लिया:

 RSS को बताया हिंदू धर्म का ‘ठेकेदार’, श्लोकों पर खड़े किए सवाल

भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और संघ प्रमुख मोहन भागवत पर भी जमकर निशाना साधा:

 नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी उठाई थी आवाज

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में इस विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बयान से हुई थी। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी के दौरे पर पहुंचे महंत ने मीडिया से साफ कहा था कि वे स्वामी रामभद्राचार्य को ‘जगतगुरु’ तो दूर, गांव का गुरु भी नहीं मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि रामभद्राचार्य धर्म की आड़ में केवल बीजेपी का राजनीतिक प्रचार करने छत्तीसगढ़ आए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में ‘सनातन बनाम कांग्रेस’ की बहस एक बार फिर छिड़ गई है, जिस पर बीजेपी भी पलटवार की तैयारी में है।

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