आइसलैंड के खिलाफ पहला मैच ड्रॉ होने के बाद अर्जेंटीना को दूसरे मैच में क्रो‍एशिया के हाथों 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद अर्जेंटीना को करो या मरो के मुकाबले में नाइजीरिया को हराना ही था।

यह मैच जीतने के बाद मैसी ने कहा, ‘इस मैच इतना दबाव मैंने कभी नहीं झेला, क्योंकि हमारे उपर विश्व कप से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन मैं निश्चिंत भी था क्योंकि भगवान हमारे साथ था। भगवान ऐसा कभी नहीं चाहते कि हम इतनी जल्दी विश्व कप से बाहर हो जाए। मैं इसके लिए भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं।’

उन्होंने कहा, अर्जेंटीना पहले दौर से ही बाहर होने की हकदार नहीं थी। क्वालीफाई करने का यह शानदार तरीका था। हमने अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया, इसलिए हम खुश है। हम जानते थे कि हम यह मैच जीतेंगे लेकिन हमें इतने ज्यादा संघर्ष की उम्मीद नहीं थी।

मैसी ने स्वीकारा कि मैच में बराबरी होने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी थोड़े नर्वस हो गए थे। यह अच्छा मैच था और पहले हाफ में हमारा पूरा नियंत्रण था। पहला गोल दागने के बाद भी हमें कई मौके मिले थे। हमें लगा था कि दूसरा हाफ भी ऐसा ही रहेगा, लेकिन नाइज‍ीरिया ने पेनल्टी पर गोल दागकर हमारी मुश्किलें बढ़ा दी थी।’

लगातार हो रही आलोचनाओं के चलते मैसी ने दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया था, लेकिन फैंस के दबाव के चलते उन्होंने वापसी की। मैसी ने कहा, मैं अर्जेंटीना के फैंस का शुक्रिया अदा करता हूं कि वे इतनी भारी तादाद में यहां पहुंचे। उन्होंने हम पर विश्वास रखा और इसी के चलते हम जीत दर्ज कर पाए।

मार्कोस रोजो को अर्जेंटीना टीम में शामिल किए जाने पर काफी विवाद हुआ था, लेकिन उन्होंने नाइजीरिया के खिलाफ गोल कर अपनी उपयोगिता साबित की। मैसी ने कहा, ‘टीम में जगह बनाने के बाद रोजो खेलने के हकदार थे।’ रोजो ने कहा, मैंने तो पहले ही कह दिया था कि मैं नाइजीरिया के खिलाफ गोल दागूंगा। मैं इस गोल को अपने परिवार को समर्पित करता हूं। हमारी टीम बहुत आगे बढ़ने की हकदार हैं।