Exclusive: स्कूलों में बिजली तो है नहीं, फिर कैसे पहुंचेगी कम्प्यूटर से लेकर, स्मार्ट क्लास जैसी व्यवस्थाएं
जबलपुर। प्रदेश के करीब 65 हजार स्कूलों में बिजली नहीं है इन स्कूलों में बिजली नहीं होने से कम्प्यूटर से लेकर, स्मार्ट क्लास जैसी व्यवस्थाएं नहीं पहुंच सकी हैं।
अधिकारियों ने इस समस्या को गम्भीरता से नहीं लिया। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्कूल खुलना और बिजली पोल की दूरी अधिक होना भी बिजली नहीं होने का एक कारण है।
विधानसभा चुनाव के दौरान स्कूलों में बिजली व्यवस्था की गई थी। यह सुविधा स्कूलों में कुछ ही माह तक मिल सकी। बिजली बिल जमा नहीं होने से विद्युत कनेक्शन काट दिए गए।
सहायक यंत्री ओपी सिंह ने बताया कि स्कूलों को कनेक्शन के लिए राशि आवंटित की गई है। जिन स्कूलों में अभी तक कनेक्शन नहीं हुए हैं, उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे फिटिंग कराएं।
स्कूल से कनेक्शन की दूरी आदि की जानकारी लेकर सम्बंधित बिजली ऑफिस से सम्पर्क करें।टीवी के माध्यम से यह पढ़ाई कराए जाने की योजना है, लकिन कई स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं हैं।
इससे विभाग की इस कवायद की सफलता पर संदेह बन रहा है। कोराना संक्रमण एवं लॉकडाउन के चलते स्कूलों में शिक्षण कार्य नहीं हो रहे हैं।
ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग डिजिटल मोड पर काम कर रहा है। वहीं जिले के करीब 700 स्कूल में बिजली नहीं है।

