EV में मिलेगा पेट्रोल कार जैसा मज़ा- ह्यूंदै ला रही है अनोखी तकनीक; साइलेंट इलेक्ट्रिक कारों में गूंजेगी इंजन की गड़गड़ाहट और महसूस होगा वाइब्रेशन
ऑटो डेस्क: पारंपरिक पेट्रोल-डीजल (ICE) वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक कार (EV) चलाने वाले अक्सर एक चीज़ की कमी सबसे ज्यादा महसूस करते हैं—और वो है इंजन की वह दमदार गड़गड़ाहट (साउंड) और वाइब्रेशन (कंपन)। इलेक्ट्रिक कारें इतनी शांत होती हैं कि कई बार ड्राइविंग का वह पुराना रोमांच गायब हो जाता है। लेकिन अब दक्षिण कोरिया की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी ह्यूंदै (Hyundai) इसी कमी को हमेशा के लिए दूर करने की तैयारी में है। कंपनी अपनी अगली जनरेशन की इलेक्ट्रिक कारों को ड्राइवरों के लिए इतना मजेदार और रोमांचक बनाने जा रही है कि उन्हें जरा भी अहसास नहीं होगा कि वे एक साइलेंट ईवी चला रहे हैं।
‘दिखावे’ से ‘ट्रेंड’ तक: ह्यूंदै ने बदला ईवी का अंदाज़
कुछ वर्ष पहले, ह्यूंदै ने अपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार ‘आयोनिक 5 एन’ (Ioniq 5 N) को बाजार में उतारा था। इस कार में कंपनी ने पहली बार पेट्रोल-डीजल कारों की तरह नकली गियर बदलने का सिस्टम (Virtual Gear Shifting) और इंजन की आवाज दी थी।
शुरुआत में जिसे महज एक स्टंट या दिखावा माना जा रहा था, वह आज एक सुपरहिट फॉर्मूला बन चुका है। आलम यह है कि अब पोर्शे, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसे दुनिया के बड़े कार ब्रांड्स भी इस फीचर को कॉपी करने की रेस में लग गए हैं। अब ह्यूंदै अपने नए और अपग्रेड होने वाले प्लेटफॉर्म के जरिए इस अनुभव को एक बिल्कुल नए स्तर पर ले जाने वाली है।
नेक्स्ट-जनरेशन IMA आर्किटेक्चर: भविष्य की कारों में क्या होगा खास?
कंपनी अपने नए आईएमए (IMA) आर्किटेक्चर पर बनने वाली भविष्य की इलेक्ट्रिक कारों में बेहद दमदार और एडवांस्ड फीचर्स जोड़ने जा रही है:
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असली इंजन जैसी आवाज और वाइब्रेशन: आने वाली इलेक्ट्रिक कारों में न सिर्फ पेट्रोल-डीजल इंजन जैसी आवाजें सुनाई देंगी, बल्कि गाड़ी चलाते समय असली स्पोर्ट्स कार की तरह वाइब्रेशन (कंपन) भी महसूस होगी।
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बैकफायरिंग साइलेंसर का फील: ह्यूंदै के ग्लोबल आरएंडडी (R&D) प्रमुख, मैनफ्रेड हैरर ने एक इंटरव्यू में बताया कि कंपनी अब स्पोर्ट्स कारों के साइलेंसर से निकलने वाली ‘बैकफायर’ (पटाखे जैसी पॉपिंग साउंड) के एक्सपीरियंस को और ज्यादा डेवलप कर रही है।
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केबिन के अंदर वाइब्रेशन तकनीक: कार के केबिन के भीतर ऐसी खास वाइब्रेशन तकनीक जोड़ी जाएगी जो ड्राइवर को गाड़ी के साथ एक गहरा जुड़ाव महसूस कराएगी। हैरर के मुताबिक, “इसे और बेहतर बनाने के लिए हमारे पास कई बेहतरीन आइडियाज हैं।”
आलोचनाओं के बावजूद ह्यूंदै का यह कदम क्यों है खास?
बहुत से ऑटो एक्सपर्ट्स और आलोचकों का मानना है कि इलेक्ट्रिक कार में पेट्रोल कार जैसी नकली आवाजें देना सिर्फ एक दिखावा है। लेकिन ह्यूंदै का नजरिया इसके बिल्कुल विपरीत और बेहद मजेदार है:EV में मिलेगा पेट्रोल कार जैसा मज़ा- ह्यूंदै ला रही है अनोखी तकनीक; साइलेंट इलेक्ट्रिक कारों में गूंजेगी इंजन की गड़गड़ाहट और महसूस होगा वाइब्रेशन
“लोग इसे पसंद कर रहे हैं” ग्लोबल आरएंडडी प्रमुख मैनफ्रेड हैरर ने खुलकर कहा, “बहुत से लोग कहते हैं कि यह सब नकली है, लेकिन ग्राहक इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। इस तकनीक में एक अलग ही खूबसूरती और थ्रिल है, तो भला इसके साथ और प्रयोग क्यों न किया जाए?”
‘फन-टू-ड्राइव’ ब्रांड पहचान
पोर्शे जैसे लग्जरी और गंभीर स्पोर्ट्स ब्रांड्स से अपनी तुलना करते हुए उन्होंने मजेदार लहजे में कहा, “हम पोर्शे की तरह बहुत ज्यादा गंभीर रहने वाले लोग नहीं हैं। हमारी पहचान ‘फन टू ड्राइव’ (चलाने में मजेदार) कारों के लिए है। हमने एक बेहतरीन शुरुआत की है और आने वाले वर्षों में हम इसे और ज्यादा निखारेंगे। हमारे अगली जनरेशन के प्लेटफॉर्म को यह तकनीक मिलेगी और इसके डेमो टेस्ट अभी से चल रहे हैं।”
