कूनो नेशनल पार्क में अद्भुत नजारा: गाड़ियों के आगे चीते ने कभी ली अंगड़ाई तो कभी लगाई लोट; बेफिक्र अंदाज देख पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध

3. बीच सड़क पर चीते का 'रॉयल वॉक': कूनो सफारी के दौरान पर्यटकों के सामने आया चीता; 1 घंटे तक गाड़ियों को रोककर जंगल में लौटा वापस

कूनो नेशनल पार्क में अद्भुत नजारा: गाड़ियों के आगे चीते ने कभी ली अंगड़ाई तो कभी लगाई लोट; बेफिक्र अंदाज देख पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध

श्योपुर/कूनो: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता सफारी का लुत्फ उठा रहे पर्यटकों को एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिला, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। सफारी के दौरान अचानक जंगल से निकलकर एक चीता पर्यटकों की गाड़ियों के ठीक सामने, सड़क के बीचोबीच आकर बैठ गया। इस ‘शाही मेहमान’ की मौजूदगी के कारण सफारी के पहिए करीब एक घंटे तक थमे रहे।

कभी अंगड़ाई तो कभी लगाई लोट: चीते का बेफिक्र अंदाज

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चीता सड़क पर बिल्कुल बेफिक्र और मस्ती के मूड में नजर आया। वह कभी सड़क पर बैठकर अंगड़ाई लेता, तो कभी वहीं लोटपोट होने लगता। चीते के इस दोस्ताना और बेखौफ अंदाज को देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो गए। पर्यटकों ने सुरक्षा का ध्यान रखते हुए गाड़ियों के अंदर से ही इस दुर्लभ और खूबसूरत पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कूनो नेशनल पार्क में अद्भुत नजारा: गाड़ियों के आगे चीते ने कभी ली अंगड़ाई तो कभी लगाई लोट; बेफिक्र अंदाज देख पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध

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वन विभाग ने बरती एहतियात, सुरक्षित दूरी पर रोके वाहन

चीता के सड़क पर आते ही वन विभाग की टीम तुरंत अलर्ट हो गई। वन्यजीवों और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने सफारी वाहनों की आवाजाही को वहीं रोक दिया। सभी गाड़ियाँ चीते से एक सुरक्षित और निश्चित दूरी पर कतार में खड़ी रहीं, ताकि उसे किसी भी तरह की असहजता न हो।

शान के साथ जंगल में वापस लौटा चीता

सड़क पर करीब एक घंटे तक आराम फरमाने और पर्यटकों को रोमांचित करने के बाद, चीता धीरे से उठा। उसने एक लंबी अंगड़ाई ली और अपनी पूरी राजसी शान के साथ वापस घने जंगल की ओर लौट गया।

एक्सपर्ट कमेंट: वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून या उमस के दिनों में कई बार जानवर सड़क (पथरीले या खुले रास्तों) को सूखा और सुरक्षित स्थान मानकर वहां आराम करने आ जाते हैं। ऐसी स्थिति में पर्यटकों को पूरा धैर्य रखना चाहिए, शांत रहना चाहिए और वन्यजीवों को बिल्कुल भी परेशान नहीं करना चाहिए। कूनो प्रबंधन की मुस्तैदी के कारण यह सफारी पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव बन गई।

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