Chakla Belan Vastu: किचन में रखा टूटा चकला-बेलन ला सकता है कंगाली; जानें इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियम और शुभ दिन

Chakla Belan Vastu: किचन में रखा टूटा चकला-बेलन ला सकता है कंगाली; जानें इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियम और शुभ दिन

नई दिल्ली/किचन वास्तु। वास्तु शास्त्र में रसोई घर (किचन) को घर का सबसे बड़ा ऊर्जा केंद्र माना गया है। रसोई की व्यवस्था का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, सौभाग्य और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। किचन में रखी हर छोटी-बड़ी चीज का अपना एक महत्व है, लेकिन इनमें सबसे खास हैं चकला और बेलन।

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, चकला-बेलन से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी घर में बड़ी परेशानियां खड़ी कर सकती है। वास्तु नियमों के मुताबिक, किचन में कभी भी टूटा या चटका हुआ चकला-बेलन नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह गंभीर नकारात्मक ऊर्जा को जन्म देता है।

टूटे चकला-बेलन से होने वाले नुकसान

 रोटी बनाते समय ‘चर-चर’ की आवाज है बेहद अशुभ

अगर रोटी बेलते समय आपके चकले से ‘चर-चर’ या किसी भी तरह की आवाज आ रही है, तो इसे वास्तु में बेहद अशुभ संकेत माना जाता है। ऐसा तब होता है जब चकले का कोई पैर टूट गया हो या वह असंतुलित हो। वास्तु के अनुसार ऐसी आवाज सीधे तौर पर गृह-क्लेश और धन हानि को न्योता देती है, इसलिए ऐसा चकला तुरंत बदल दें।

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 चकला-बेलन रखने के जरूरी नियम (Do’s & Don’ts)

खरीदने का सही और गलत दिन

नया चकला-बेलन खरीदते समय दिनों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:

शुभ दिन (खरीदारी के लिए) अशुभ दिन (भूलकर भी न खरीदें)
बुधवार शनिवार
गुरुवार मंगलवार
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