17 अगस्त को सूर्य का सिंह राशि में प्रवेश; कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए करें ये 4 सरल उपाय
नई दिल्ली: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में संक्रांति तिथि का विशेष महत्व होता है। वर्ष 2026 में 17 अगस्त को ‘सिंह संक्रांति’ मनाई जाएगी। यह दिन ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत खास माना जाता है, क्योंकि इसी दिन ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी स्वराशि सिंह (Leo) में प्रवेश करते हैं।
सूर्य का अपनी ही राशि में गोचर व्यक्ति के जीवन, विशेषकर करियर, मान-सम्मान और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। मान्यता है कि सिंह संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य और सूर्य उपासना करने से अक्षय पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, इस दिन कुछ आसान से उपाय करके आप अपनी कुंडली में सूर्य की स्थिति को अत्यंत मजबूत बना सकते हैं। यदि कुंडली में सूर्य मजबूत हों, तो व्यक्ति को करियर-कारोबार में अपार सफलता और पारिवारिक जीवन में सुखद फल मिलते हैं।
आइए जानते हैं सिंह संक्रांति के दिन किए जाने वाले प्रमुख उपायों के बारे में:
सूर्य देव को विधिपूर्वक अर्घ्य दें
सिंह संक्रांति के सबसे आसान और प्रभावी उपायों में से एक है प्रातःकाल सूर्य देव को जल अर्पित करना।
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विधि: इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। संभव हो तो इस जल में थोड़ा कुमकुम, रोली और अक्षत (चावल) अवश्य मिलाएं।
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महत्व: पूर्व दिशा की ओर मुख करके उगते हुए सूर्य को यह जल अर्पित करें। यह उपाय आपके तेज को बढ़ाता है और जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
प्रभावी सूर्य मंत्रों का जप करें
कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करने के लिए सिंह संक्रांति के दिन सूर्य मंत्रों का जप करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है।
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मंत्र: आप ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जप कर सकते हैं।
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विधि: लाल चंदन या रुद्राक्ष की माला से इनमें से किसी भी एक मंत्र का कम से कम 108 बार जप अवश्य करें।
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महत्व: मंत्र जप से मानसिक शांति मिलती है और सूर्य देव की कृपा से करियर के क्षेत्र में सफलता के मार्ग प्रशस्त होते हैं। सूर्य देव शुभ अवस्था में हों या प्रतिकूल, यह उपाय हर किसी के लिए कल्याणकारी है।
सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करें
संक्रांति तिथि दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। सिंह संक्रांति के दिन सूर्य ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
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क्या दान करें: आपको गेंहू, गुड़, लाल या नारंगी रंग के वस्त्र आदि का दान करना चाहिए। इनके अलावा अन्न और जल का दान भी किया जा सकता है।
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महत्व: इस दिन दान करने से न केवल सूर्य देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। इसके प्रभाव से करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
सिंह संक्रांति के दिन सुबह के समय आदित्य हृदय स्तोत्र (Aditya Hridaya Stotra) का पाठ करना अमोघ उपाय माना जाता है।
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विधि: सुबह स्नान आदि के बाद भगवान सूर्य के सम्मुख या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूर्ण श्रद्धा के साथ आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
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