अंकशास्त्र: मूलांक 8 वालों पर रहती है शनिदेव की विशेष कृपा; संघर्ष के बाद मिलती है ऐसी सफलता जो जिंदगी भर रहती है कायम

संघर्ष ही बनती है ताकत': जानें क्यों मूलांक 8 वाले खुद लिखते हैं अपनी तकदीर और कभी नहीं मानते हार

अंकशास्त्र: मूलांक 8 वालों पर रहती है शनिदेव की विशेष कृपा; संघर्ष के बाद मिलती है ऐसी सफलता जो जिंदगी भर रहती है कायम

नई दिल्ली: अंकशास्त्र (Numerology) में अंक 8 को अत्यंत रहस्यमयी, अनुशासित और शक्तिशाली माना जाता है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 8 होता है। इस मूलांक के जातकों पर न्याय और कर्म के देवता शनिदेव का विशेष प्रभाव रहता है।

जिस प्रकार शनि ग्रह मंद गति से चलते हैं, ठीक उसी तरह मूलांक 8 वालों को सफलता और तरक्की धीरे-धीरे हासिल होती है। लेकिन सबसे खास बात यह है कि इस मूलांक के लोगों को जो सफलता मिलती है, वह बेहद स्थायी और मजबूत होती है।

कड़ी मेहनत से खुद लिखते हैं अपनी तकदीर

मूलांक 8 वाले जातकों को जीवन में कुछ भी आसानी से या बिना संघर्ष के नहीं मिलता।

 मूलांक 8 के जातकों की मुख्य खासियतें

  1. अनुशासित और जुनूनी: ये अत्यधिक मेहनती और नियम-कायदों का पालन करने वाले होते हैं। जो ठान लेते हैं, उसे पूरा करके ही मानते हैं।

  2. धैर्य के धनी: असफलता से घबराने के बजाय ये दोगुनी ऊर्जा के साथ दोबारा प्रयास करते हैं।

  3. आत्मनिर्भर: जीवन में जो कुछ भी हासिल करते हैं, अपनी काबिलियत पर करते हैं; इन्हें किस्मत का सहारा कम ही मिलता है।

  4. सादा जीवन और बचत: ये दिखावे से दूर रहकर चुपचाप काम करने में यकीन रखते हैं। इनमें पैसे की बचत और बजट बनाने की बेहतरीन आदत होती है।

 किस उम्र में होता है भाग्योदय?

ज्योतिष और अंकशास्त्र के अनुसार, मूलांक 8 वालों के जीवन का 36वां वर्ष (36th Year) सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होता है। अमूमन 35 की उम्र के बाद इनका भाग्य पूरी तरह चमकता है और इन्हें पद, प्रतिष्ठा, पैसा और सम्मान प्राप्त होता है।

 मूलांक 8 वालों के लिए बेस्ट करियर ऑप्शन (Best Careers)

शनिदेव के प्रभाव के कारण इन क्षेत्रों में इन्हें अपार सफलता मिलती है:

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