कटनी (20 अप्रैल): “ड्रोन दीदी” हेमलता ने बदली खेती की तस्वीर, ड्रोन तकनीक से किसानों को मिला नया सहारा और बढ़ी आमदनी।
बड़वारा विकासखंड के ग्राम खिरहनी की हेमलता विश्वकर्मा आज ग्रामीण विकास और तकनीकी नवाचार की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। गांव में “ड्रोन दीदी” के नाम से पहचान बनाने वाली हेमलता ने आधुनिक तकनीक के जरिए खेती के काम को आसान और अधिक लाभकारी बना दिया है।
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“ड्रोन दीदी” हेमलता ने बदली खेती की तस्वीर, ड्रोन तकनीक से किसानों को मिला नया सहारा और बढ़ी आमदनी
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर वर्ष 2019 में शुरू हुई उनकी यात्रा आज सफलता की कहानी बन चुकी है। “जय साईं बाबा स्व-सहायता समूह” से जुड़ने के बाद उन्होंने ऋण लेकर अपने काम को आगे बढ़ाया और समय पर भुगतान कर अपनी जिम्मेदारी साबित की।
वर्ष 2024 में इंदौर और भोपाल से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने खेती में ड्रोन तकनीक का उपयोग शुरू किया। इसके जरिए वे खेतों में खाद और कीटनाशक का छिड़काव कर रही हैं, जिससे किसानों का समय और लागत दोनों कम हो रहे हैं।
अब तक हेमलता 52 एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और इससे लगभग 1.80 लाख रुपये की आय भी अर्जित की है। उनकी यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि आसपास के किसानों को भी आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
इसके साथ ही वे “बैंक सखी” के रूप में भी काम कर रही हैं और समूह की महिलाओं को वित्तीय साक्षरता की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। उनके समूह को मध्यान्ह भोजन योजना का कार्य भी मिला है, जिससे आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
आज हेमलता का परिवार 12,000 से 15,000 रुपये मासिक आय अर्जित कर रहा है। उन्हें मिशन और बैंक की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।“ड्रोन दीदी” हेमलता की कहानी यह साबित करती है कि अगर इच्छाशक्ति और अवसर साथ हों, तो गांव की महिलाएं भी तकनीक के जरिए सफलता की नई उड़ान भर सकती हैं।

