क्या मानसून के मौसम में आपका भी गले में दर्द रहता है आइए जाने क्यों
बदलते मौसम में गले का दर्द सबसे आम शिकायत है जो लगभग हर किसी को होती है। यह समस्या ज्यादातर गले में सूजन (खांसी, सर्दी, वायरल, आदि) के कारण होती है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको एक ऐसा जादुई नुस्खे के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपकी इस परेशानी को चुटकियों में दूर कर सकता है।
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जी हां, हम आपकी किचन में मौजूद हल्दी के बारे में बात कर रहे हैं। यह बात तो आप जानती ही होंगी कि सब्जी को सुंदर रंग और स्वाद देने वाला यह मसाला आपकी हेल्थ से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकता है। आज हम आपको बताएंगे हल्दी गले के दर्द की समस्या को कैसे दूर कर सकता है?
क्या मानसून के मौसम में आपका भी गले में दर्द रहता है आइए जाने क्यों
इसे हम आयुर्वेद में ‘हरिद्रा’ के नाम से जानते हैं। यह स्वाद में कड़वा और तीखा और प्रकृति में गर्म होता है। गर्म शक्ति के कारण, यह वात और कफ को कम करने में मदद करता है, जबकि इसका कड़वा स्वाद इसे कुछ हद तक पित्त को संतुलित करने की अनुमति देता है।
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हम हल्दी का उपयोग सर्दी, खांसी, गले में खराश, घाव भरने, डायबिटीज, शरीर में दर्द, अर्थराइटिस, प्रतिरक्षा का निर्माण, सूजन को कम करने और बहुत कुछ जैसे विकारों के इलाज के लिए करते हैं। इस आर्टिकल में हम इस आसान जड़ी बूटी हल्दी के साथ गले के दर्द से राहत पाने के लिए 3 आसान और प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार बता रहे हैं।
1. हल्दी के पानी से गरारे करें
जब आप गले में खराश के लिए शॉट उपाय के बारे में सोचती हैं तब गरारे करना तुरंत दिमाग में आता है। आप नमक के साथ गुनगुने पानी में आधा चम्मच हल्दी पाउडर भी मिला सकती हैं और गरारे कर सकती हैं। यह पीला मसाला एक प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट है जो गले में जलन को तुरंत शांत कर सकता है।
विधि
एक गिलास पानी लें, उसमें 1 टेबल स्पून हल्दी डालकर 3-5 मिनट तक उबालें।
इस पानी से दिन में तीन बार गरारे करें।
2. हल्दी, काली मिर्च, शहद का मिश्रण लें
हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और यह पीला मसाला कई गंभीर बीमारियों, संक्रमणों और यहां तक कि घावों से लड़ने की ताकत रखता है।
क्या मानसून के मौसम में आपका भी गले में दर्द रहता है आइए जाने क्यों
विधि
1 छोटे चम्मच शहद के साथ 1/4 छोटा चम्मच हल्दी, 1 काली मिर्च (ताजा क्रश करना सबसे अच्छा रहता है)।
इस मिश्रण को भोजन से 1 घंटे पहले/बाद में दिन में 2-3 बार लें।
3. सोते समय हल्दी वाला दूध पिएं
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गरम हल्दी वाला दूध एक सदियों पुरानी परंपरा है जिसका पालन हमारे देश में पीढि़यां करती हैं। गले में खराश के साथ, यह अपने प्राकृतिक एंटीबायोटिक गुणों के कारण लगातार सर्दी का इलाज करने में भी मदद करता है।

