Khujali ka ilaj: पीठ और पैरों की खुजली से परेशान? जानें कारण और आयुर्वेदिक घरेलू उपाय जो दिलाएं राहत
Khujali ka ilaj: पीठ और पैरों की खुजली से परेशान? जानें कारण और आयुर्वेदिक घरेलू उपाय जो दिलाएं राहत। पीठ और पैरों में लगातार होने वाली खुजली कई लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। मेडिकल भाषा में इसे प्रुरिटस कहा जाता है, जो कभी-कभी सामान्य एलर्जी से लेकर गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, खुजली के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे ड्राई स्किन, एक्जिमा, सोरायसिस, डायबिटीज, थायराइड, लिवर या किडनी से जुड़ी समस्याएं, ज्यादा पसीना और तनाव। अगर यह समस्या 6 हफ्तों से ज्यादा बनी रहे तो इसे क्रॉनिक माना जाता है और डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
क्यों होती है खुजली?
खुजली बाहरी और अंदरूनी दोनों कारणों से हो सकती है। बाहरी कारणों में एलर्जी, कीड़ों के काटने या स्किन ड्राईनेस शामिल हैं, जबकि अंदरूनी कारणों में हार्मोनल असंतुलन और अंगों से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
आयुर्वेदिक घरेलू उपाय
शीशम के पत्तों का रस: नियमित सेवन से शरीर की अंदरूनी गर्मी कम होती है।
मुल्तानी मिट्टी का लेप: प्रभावित जगह पर मुल्तानी मिट्टी लगाएं। इसमें हल्दी, कपूर और नीम मिलाने से फायदा और बढ़ जाता है।
नारियल तेल और कपूर: रात में सोने से पहले नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाने से खुजली में राहत मिलती है।
एलोवेरा जेल: स्किन को ठंडक देने और जलन कम करने में मददगार।
खानपान का रखें ध्यान
तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना शरीर में एसिडिटी बढ़ाता है, जिससे खुजली की समस्या बढ़ सकती है। गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए खीरा, तरबूज और ठंडे पेय पदार्थ फायदेमंद होते हैं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे या बार-बार लौटे, तो लिवर, किडनी और थायराइड की जांच करवाना जरूरी है। क्योंकि कई बार यह अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। सही देखभाल, संतुलित डाइट और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।