बाजार का मिलावटी घी सेहत के लिए खतरा- घर पर इस ‘गांव वाले’ तरीके से बनाएं 100% शुद्ध देसी घी

बाजार का मिलावटी घी सेहत के लिए खतरा- घर पर इस ‘गांव वाले’ तरीके से बनाएं 100% शुद्ध देसी घी।  खाने-पीने की चीजों में मिलावट आज एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है। हाल ही में कई बड़े ब्रांड्स के घी के नमूने लैब टेस्ट में फेल होने के बाद अब लोग बाजार के घी पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं। घी में पाम ऑयल और स्टार्च की मिलावट न केवल स्वाद बिगाड़ती है, बल्कि हार्ट और लिवर की सेहत के लिए भी घातक है। ऐसे में गांवों का वह पारंपरिक तरीका सबसे बेस्ट है, जिससे आप घर पर ही शुद्ध और दानेदार घी तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस।

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क्यों जरूरी है घर का शुद्ध घी?

आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों ही घी को सेहत के लिए वरदान मानते हैं। इसमें विटामिन A, D और E प्रचुर मात्रा में होते हैं। शुद्ध घी वजन नहीं बढ़ाता, बल्कि मेटाबॉलिज्म को बेहतर करता है। लेकिन बाजार का ‘नकली’ घी फायदे की जगह शरीर में टॉक्सिन्स जमा कर देता है।

 पारंपरिक तरीके से घी बनाने की विधि

अगर आप शहर में रहते हैं और आपके पास गाय-भैंस नहीं हैं, तो भी आप दूध की मलाई से गांव जैसा शुद्ध घी बना सकते हैं।

स्टेप 1: मलाई का संचय

रोजाना दूध को उबालकर उसे ठंडा करें और जमने वाली मोटी मलाई को निकालकर एक बर्तन में इकट्ठा करते रहें। इसे खराब होने से बचाने के लिए हमेशा फ्रिज में स्टोर करें।

स्टेप 2: मक्खन (Loni) निकालना

स्टेप 3: मक्खन को धोना

मक्खन के गोले बनाकर उन्हें साफ पानी से एक बार धो लें। इससे घी बनाते समय गंदगी (residue) कम निकलती है और घी लंबे समय तक ताजा रहता है।

स्टेप 4: घी पकाना

स्टेप 5: स्टोरेज

घी को हल्का ठंडा होने दें। इसके बाद एक सूती कपड़े या महीन छलनी से छानकर कांच के जार में भर लें। यह घी महीनों तक खराब नहीं होगा और इसकी खुशबू पूरे घर में महकेगी।

 कुछ जरूरी बातें:

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