भोपाल कोरोना वायरस (CORONAVIRUS) का फैलाव रोकने के लिए अब सरकार ने सख़्त कदम उठाते हुए प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों को सील कर दिया है भोपाल (Bhopal), इंदौर (Indore) और उज्जैन (Ujjain) फुल सील रहेंगे. इन तीन जिलों से लोगों के बाहर आने-जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी इसी के साथ प्रदेश के 14 ज़िलों में टोटल लॉकडाउन रहेगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कोरोना के ताज़ा हालात को देखते हुए भोपाल, इंदौर और उज्जैन को सील करने का आदेश दिया. इन तीनों ज़िलों की सीमाएं सील रहेंगी यहां रहने वाले लोग अब अपने ज़िले से बाहर कहीं भी नहीं आ जा सकेंगे. आपको बता दें कि सुबह ही इस बात के संकेत मिलने लगे थे कि भोपाल-इंदौर बॉर्डर सील हो सकता है
जरूरी सामान की सप्लाई जारी रहेगी
इस दौरान इन ज़िलों में जरूरी सामान की सप्लाई जारी रहेगी. आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जवाबदारी रहेगी. सरकार ने ये भी फैसला किया कि कोरोना बीमारी को जानबूझकर छुपाने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
प्रदेश में 14 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस से प्रदेश के 14 जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. इंदौर में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 170, भोपाल में 96, उज्जैन में 13, खरगोन में 12 एवं मुरैना में 12 हो गयी है. इन जिलों में टोटल लॉकडाउन किया जाएगा.
मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से अपील की है वो घर से बाहर ना निकलें. जो लोग आवश्यक सेवा में लगे हैं वो संक्रमण से बचने के लिए मास्क लगाकर ही निकलें. उन्होंने कहा कि होममेड मास्क का भी प्रयोग किया जा सकता है.
बीमारी छुपाने पर दर्ज होगी एफआईआर
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कोई भी व्यक्ति कोरोना रोग को नहीं छुपाए.लोग यह भी बताएं कि वह किस-किस के संपर्क में आये हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति इसे छुपाएगा उसके विरुद्ध एफआइआर दर्ज की जाएगी और इलाज के बाद उस व्यक्ति पर दंडात्मक कार्रवाई की भी जाएगी.यही नहींं, जो भी व्यक्ति कोरोना नियंत्रण कार्य में लगे लोगों से दुर्व्यवहार करेगा उस पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
50 हज़ार रैपिड टेस्टिंग किट्स का ऑर्डर
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि वायरस की तुरंत जांच के लिए रैपिड टेस्टिंग किट्स की व्यवस्था की जा रही है. इसकी रिपोर्ट तुरंत आ जाती है. वायरस है या नहीं रैपिड किट से इसकी जांच रिपोर्ट तुरंत मिल जाएगी. वायरस होने पर कोरोना वायरस संबंधी जांच की जाएगी.जांच के लिए 50,000 रैपिड टेस्टिंग किट्स का ऑर्डर दिया गया है.
एस्मा लागू
इससे पहले मध्य प्रदेश में कोरोना के बिगड़ते हालात के बीच बुधवार दोपहर को शिवराज सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के इस फैसले की जानकारी ट्वीट करके भी दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि नागरिकों के हित को देखते हुए कोरोना के बेहतर प्रबंधन के लिए आज से सरकार ने मध्यप्रदेश में एस्मा लागू कर दिया है. ट्वीट में उन्होंने लिखा- एसेंशियल सर्विसेज़ मैनेजमेंट एक्ट (Essential Services Management Act) जिसे ESMA या हिंदी में ‘अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून’ कहा जाता है, तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है
एस्मा में इन 10 सेवाओं को शामिल किया गया
1. सभी स्वास्थ्य सेवाएं
2. डॉक्टर नर्स और स्वास्थ्य कर्मी
3. स्वास्थ्य संस्थानों में सफाई कर्मचारी
4.मेडिकल उपकरणों की बिक्री
5. दवाइयों की बिक्री और परिवहन
6. एंबुलेंस सेवाएं
7. पानी बिजली की आपूर्ति
8. सुरक्षा संबंधी सेवाएं
9. खाद्य एवं पेयजल की व्यवस्था
10. बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन
कितना तैयार है एमपी ?
सरकार का दावा है कि एमपी में कोरोना की जांच और इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है. फिलहाल प्रदेश में 29 हजार टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं. इनसे टेस्टिंग क्षमता 580 प्रतिदिन हो गई है. प्रदेश में रोज 5 हजार पीपीई किट्स आ रही हैं. आने वाले समय के लिए 50 हजार पीपीई किट्स का ऑर्डर दिया गया है. सरकार के पास दो लाख हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन गोलियां स्टॉक में हैं. 77 हजार एन-95 मास्क और 6 लाख थ्री-लेयर मास्क फिलहाल उपलब्ध हैं.
