Monday, May 25, 2026
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Corona Infected Children: संक्रमित 50 फीसद बच्चों में उल्टी, दस्त, आंख और मुंह लाल होने जैसे लक्षण अधिक

रायपुर। कोरोना महामारी इस समय बड़ी समस्या बन गई है। कोरोना संक्रमित करीब 50 फीसद बच्चों में लक्षण सर्दी, खांसी बुखार से ज्यादा उल्टी, दस्त शरीर और मुंह में लाल निशान और सूजन जैसी समस्या सामने आ रही है।

वहीं, पहले जहां संक्रमित 25 फीसद तक बच्चों में लक्षण नजर आते थे। अब 50 से 70 फीसद बच्चों में लक्षण नजर आ रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, पहली लहर की तुलना में इस बार 10 गुने से अधिक बच्चे संक्रमित हो रहे हैं।

इसमें एक से लेकर 14 वर्ष तक के शामिल हैं। राजधानी में पिछले वर्ष से फरवरी 2021 तक जहां करीब 2000 संक्रमित बच्चे होम आइसोलेशन में आये थे। वहीं, मार्च के बाद अब तक 6000 से अधिक बच्चे आए।

जिले में होम आइसोलेशन डाक्टर इंचार्ज और बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर निलय मोझरकर ने बताया कि वर्तमान में कोरोना के लक्षण बच्चों में अलग तरह से सामने आ रहा है।

कोरोना संक्रमित 70 फीसद वयस्क लोगों में जहां सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द, खाने में स्वाद न आने जैसी समस्याएं लक्षण के रूप में सामने आती है। संक्रमित होने पर बच्चों में यह लक्षण बेहद कम नजर आते हैं। इनमें उल्टी, दस्त, चेहरे पर रेशे आना, लाल निशान आना कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। बच्चों के मामले में इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसमें चेहरे पर रेशे आना, मुंह लाल होना एक वर्ष से कम और 12 वर्ष से अधिक के बच्चों में गंभीर लक्षण हो सकता है। ऐसे में चिकित्सकीय सलाह बेहद जरूरी है।

12 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे हो रहे ज्यादा गंभीर

बाल एवं बच्चों शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आनंद भट्टर ने बताया कि 12 वर्ष के भीतर बच्चों में ज्यादा गंभीर कोरोना की शिकायत नहीं है। मगर, 12 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों में गंभीर कोरोना की शिकायत है।

इसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। वहीं ज्यादातर बच्चों में दस्त के बाद जांच में कोरोना पॉजिटिव की बात सामने आ रही है। इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

होम आइसोलेशन बेहतर विकल्प, 82 फीसद मरीज इससे स्वस्थ

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक स्वस्थ हुए 7,72,500 संक्रमितों में 82 फीसद होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए हैं। जबकि 18 फीसद लोग अस्पतालों से स्वस्थ होने वालों की दर 12 फीसद है। वहीं राजधानी में अब तक 1,13,974 लोगों ने होम आइसोलेशन से इलाज लिया है। जबकि 26758 ने अस्पताल में इलाज कराया।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम