सनातन धर्म के विरुद्ध विषवामन करने वाले उदयनिधि स्टालिन को विधायक संजय पाठक ने भेजी ‘रामायण’ और श्रीमद भागवत गीता’
- सनातन धर्म के विरुद्ध विषवामन करने वाले उदयनिधि स्टालिन को विधायक संजय पाठक ने भेजी ‘रामायण’ और श्रीमद भागवत गीता’
- स्टालिन ये समझे कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और दार्शनिक पद्धति है: संजय पाठक
कटनी । विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने अपने वादे के अनुसार सनातन को समझने के लिए तमिलनाडु के डीएमके नेता उदय निधि स्टालिन को ‘रामायण’ और श्रीमद भागवत गीता’ निःशुल्क भेजी है । यहां दे बता दे कि सनातन के विरुद्ध विषवामन करने पर विधायक संजय पाठक द्वारा शिकायती पत्र लिखा गया था जिसे नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राजू शर्मा सहित कटनी के जागरूक नागरिकों द्वारा कटनी पुलिस अधीक्षक को सौंपा था जिसमें तमिलनाडु के डीएमके नेता पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र एवं विधायक उदयनिधि स्टालिन द्वारा 12 मई को अपने बयान में एक बार फिर सनातन धर्म को खत्म करने की मांग करने पर एवं उनके द्वारा पूर्व में सनातन धर्म की तुलना डेंगू मलेरिया एवं अन्य संक्रामक बीमारी से करने पर आपत्ति जताते हुए विधायक संजय पाठक द्वारा उदयनिधि स्टालिन के दावे कि “सनातन धर्म लोगों को बांटता है ” वक्तव्य को अत्यंत आपत्तिजनक, भड़काऊ एवं असंवैधानिक बतातें हुए पुलिस अधीक्षक कटनी को कार्यवाही की मांग की थी इसी के साथ विधायक संजय पाठक द्वारा उदयनिधि स्टालिन को सनातन धर्म को समझने के लिए रामायण श्रीमद भागवत भेंट करने लिए बोला था। इसी क्रम में विधायक श्री संजय पाठक द्वारा अमेज़न इंडिया ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से ‘रामायण’ और श्रीमद भागवत गीता’ की एक-एक प्रति उदय निधि स्टालिन के निवास पर प्रेषित कर दी है ।
विधायक संजय पाठक ने उदय निधि स्टालिन को पत्र के माध्यम से अपने संदेश में लिखा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक और दार्शनिक पद्धति है। आप को भेजी दोनों पुस्तक केवल सामान्य पुस्तकें नहीं हैं, बल्कि ये सनातन धर्म के पवित्र महाग्रंथ और साक्षात् ज्ञान का स्वरूप हैं। इनमें संपूर्ण मानव जीवन, धर्म, कर्तव्य और मोक्ष का दर्शन समाहित है। इनमें हिन्दू धार्मिक परम्पराओं तथा नैतिक शिक्षाओं का ज्ञान भी शामिल है

