29 लोकसभा सीटों में से छिंदवाड़ा कांग्रेस का गढ़ है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने यहां से नौ बार चुनाव जीते। अब उनके पुत्र नकुल नाथ यहां से सांसद हैं और इस बार पार्टी ने फिर उन्हें चुनाव लड़ाया पर वास्तव में यह चुनाव कमल नाथ ने ही लड़ा। भाजपा ने इस सीट को जीतने के लिए न केवल अपने वरिष्ठ नेताओं को भेजा बल्कि बूथ स्तर पर जमावट की।
छिंदवाड़ा और राजगढ़ लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस ज्यादा सतर्क है। छिंदवाड़ा से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के पुत्र नकुल नाथ दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं। यहां कमल नाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने भी काफी जोर लगाया है। इसी तरह राजगढ़ सीट पर भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रत्याशी होने के कारण कांग्रेस पूरी सतर्कता बरत रही है।
कांग्रेस ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताने के साथ ही इन दोनों सीटों के लिए विधानसभावार प्रभारी तैनात रहेंगे। बता दें, भाजपा ने इन दोनों सीटों पर जीत के लिए कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों सीटों पर सभाएं व रोड शो किए हैं।
पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना समेत कई कमल नाथ समर्थकों ने भाजपा की सदस्यता ली। पार्टी यहां मतगणना को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। चुनाव आयोग से संबंधित कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया का कहना है कि छिंदवाड़ा का प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
