बरही में नियम विरूद्ध संचालित हो रहा बरही कम्प्यूटर साइंस एवं जर्नलिज्म इंस्टीटयूट, कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, शिकायतकत्र्ता ने की जांच कराकर कार्रवाई की मांग
कटनी। बरही में संचालित बरही कम्प्यूटर साइंस एवं जर्नलिज्म इंस्टीटयूट के नियम विरूद्ध संचालन की शिकायत कलेक्टर से की गई है। शिकायतकत्र्ता ने शिकायत में कई बिंदुओं का उल्लेख करते हुए इसके संचालन को गलत बताया है तथा इसकी जांच कराकर संचालकों पर कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को दिए गए शिकायती पत्र की प्रति यशभारत डॉट काम को उपलब्ध कराते हुए शिकायतकत्र्ता अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि विवेक सोनी एवं श्रीमति दीपिका अवधिया दोनों के द्वारा उपरोक्त संस्थान का संचालन बरही में किया जा रहा है जो कि बिना किसी अनुज्ञा एवं सरकार द्वारा शिक्षा के लिये तैयार मापदंडों के अंतर्गत नहीं चलाया जा रहा है। वर्तमान परिस्थितियों में न तो उपरोक्त संस्थान में स्टाफ की उचित व्यवस्था की गई है न ही शिक्षक एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपरोक्त संस्थान में उपलब्ध हैं। शिकायतकत्र्ता का आरोप है कि विवेक सोनी एक सरकारी कर्मचारी हैं तथा श्रीमति दीपिका अवधिया एग्रीकल्चर विभाग जबलपुर में कार्यरत हैं। उनके द्वारा अपने स्वयं के नाम से उपरोक्त संस्थान का संचालन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है। सरकारी विभाग में कार्यरत होने के बावजूद वह अपने नाम से किसी भी प्रकार के शिक्षण संस्थान का संचालन अपनी नौकरी के दौरान नहीं कर सकते हैं। किस प्रकार से इन दोनों व्यक्तियों के द्वारा संस्थान को प्रचलन करने की अनुज्ञा प्राप्त किया है, वह विधि विरुद्ध है तथा शासन द्वारा जारी नियमों के विरुद्ध है। शिकायतकत्र्ता के मुताबिक उपरोक्त व्यक्तियों के द्वारा फर्मस एवं सोसायटी कार्यालय जबलपुर से पंजीकरण कराया गया है, वह सभी जानकारी जो पंजीकरण के लिये आवश्यक है, वह सभी फर्जी तरीके से कार्यालय को भेजी गई हैं तथा मिलीभगत कर उपरोक्त संस्थान का पंजीयन कराया गया है। जिसमें अधिकारियों एवं विवेक सोनी तथा श्रीमति दीपिका अवधिया की संलिप्त्ता प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित होती है जिसकी जांच किया जाना अति आवश्यक प्रतीत होता है। उपरोक्त संस्थान में विधिवत कक्षाओं का आयोजन नहीं होता है। मात्र लोगों को दाखिला देकर फर्जी प्रमाण पत्र, डिग्री इत्यादि उपलब्ध करायी जाती है। यहां तक कि न हीं कभी उपरोक्त संस्थान में परीक्षा इत्यादि भी नहीं ली जाती है। उपरोक्त संस्थान में विघार्थियों का आना जाना भी नहीं होता है। विघार्थियों से मात्र फीस तथा पास कराने के लिये अवैध मांग कर फर्जी प्रमाण पत्र प्रदान किये जाते हैं। उपरोक्त संस्थान मात्र अनुचित लाभ अर्जित करने तथा संस्थान के संचालक की अनावश्यक अर्जित रुपयों को व्यवस्थित करने तथा अन्य साधनों से लाभ अर्जित करने के लिये संचालन किया जा रहा है जो कि आपराधिक मंशा को स्पष्ट करता है। उपरोक्त सस्थान को वर्तमान में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किराये पर लेकर चलाया जा रहा है परन्तु वास्तविक्ता यह है किए विवेक सोनी एवं श्रीमति दीपिका सोनी के द्वारा मात्र संस्था की अनुज्ञा ली गई है तथा संस्थान के वास्तविक मालिक वह स्वयं हैं तथा इन दोनों के दिशा निर्देशों में ही उपरोक्त संस्थान चलाया जाता है जो कि विधि विरुद्ध है। शिकायतकत्र्ता ने कलेक्टर दिलीप कुमार यादव का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

