Chitra Navratra : चैत्र नवरात्र पर Corona कोरोना वायरस का साया: शक्ितपीठों में रोजाना होगी फॉगिंग, नहीं लगाए जाएंगे लंगर
धर्मशाला/योल,। चैत्र नवरात्र मेलों पर इस बार कोरोना वायरस का साफ साया दिख रहा है। मंदिर प्रशासन ने मेलों के दौरान शक्तिपीठों में विशेष एहतियात बरतने की तैयारी तेज कर दी हैं। हालांकि, सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा में वक्तव्य के दौरान लोगों से मंदिर न आने की अपील की है, लेकिन मंदिर प्रबंधन अपनी तरफ से व्यवस्था करने में कोई कमी नहीं रखना चाहता। कोरोना वायरस से निपटने के लिए शनिवार को श्री चामुंडा नंदिकेश्वर मंदिर न्यास के गैर सदस्यों ने बैठक कर 25 मार्च से चलने वाले चैत्र नवरात्र के लिए अहम फैसले लिए। नवरात्र के दौरान मंदिर के सभी कर्मचारी गल्बज और मास्क पहनेंगे।
चामुंडा माता मंदिर प्रबंधन के सदस्य बैठक के बाद।
इसके अलावा मंदिर परिसर में कोई भी लंगर नहीं लगेगा। मंदिर में सफाई व्यवस्था के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इस दौरान फागिंग मशीन की भी व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर अनिल गौड़ कैलाश वालिया, संसार मित्र, हिमांशु अवस्थी, घनश्याम वर्मा, मनु सूद सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।इसके अलावा ज्वालामुखी मंदिर प्रशासन ने भी बैठक कर रोजाना फॉगिंग करने का फैसला लिया है। यहां भी सभी कर्मचारियों को दस्ताने और मास्क दिए जाएंगे। नवरात्र मेले मंदिर मार्ग पर ढोल नगाड़े बजाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिला स्थित बज्रेश्वरी देवी, चामुंडा में नंदिकेश्वर धाम, ज्वालामुखी मंदिर समेत नयनादेवी और चिंतपूर्णी मुख्य शक्ितपीठ हैं। इनमें लाखों भक्त मां का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार नवरात्र शुरू होने से पहले ही इन लाखों लोगों को संभालने में सरकार और प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं।
कोरोना वायरस के कारण सभी सत्संग रद
संत निरंकारी भवन घुरकड़ी के संयोजक महात्मा दीनानाथ, प्रेस प्रभारी स्वरूप कुमार और राजेश कुमार ने बताया मिशन के दिल्ली स्थित मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार सभी सत्संग रद कर दिए गए हैं। कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले सत्संग व समागम कार्यक्रम रद कर दिए गए हैं।

