Wednesday, May 6, 2026
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मेरठ में अलमारी के पीछे मिला ‘मौत का तहखाना’: BCA छात्र निकला अवैध तमंचा फैक्ट्री का सिंडिकेट, वॉट्सऐप पर होती थी हथियारों की डील

मेरठ में अलमारी के पीछे मिला ‘मौत का तहखाना’: BCA छात्र निकला अवैध तमंचा फैक्ट्री का सिंडिकेट, वॉट्सऐप पर होती थी हथियारों की डील। उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपराधियों के हौसले और उनकी चालाकी ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में पुलिस और स्वाट टीम ने एक ऐसी अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी है, जिसका रास्ता घर के अंदर बनी एक साधारण अलमारी से होकर गुजरता था। इस गैंग का हिस्सा बनकर एक BCA छात्र भी तस्करी के धंधे में शामिल था।

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मेरठ में अलमारी के पीछे मिला ‘मौत का तहखाना’: BCA छात्र निकला अवैध तमंचा फैक्ट्री का सिंडिकेट, वॉट्सऐप पर होती थी हथियारों की डील

अलमारी के पीछे ‘मौत का खेल’

पुलिस की छापेमारी में खुलासा हुआ कि घर की दीवार में बनी एक अलमारी के भीतर से तहखाने (बेसमेंट) में जाने का गुप्त रास्ता बनाया गया था। इसी तहखाने में बड़े पैमाने पर तमंचे बनाए जा रहे थे। बता दें कि मेरठ में ही 15 दिन पहले एक पलंग के नीचे भी ऐसी ही फैक्ट्री मिली थी।

BCA छात्र और पुराना अपराधी: गैंग का खतरनाक कॉम्बिनेशन

पुलिस ने मौके से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सबका किरदार अलग था:

  • इमरान (मास्टरमाइंड): यह 25 साल पहले भी शस्त्र फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल जा चुका है। वह हथियार बनाने का एक्सपर्ट है।

  • उमंग ठाकुर (BCA छात्र): 19 साल का यह छात्र शहर के नामी कॉलेज में पढ़ रहा है, लेकिन वह वॉट्सऐप के जरिए ‘ऑन डिमांड’ हथियारों की सप्लाई करता था।

  • कुलदीप और नरेंद्र: ये दोनों मुख्य सप्लायर और बिचौलिए के तौर पर काम करते थे।

बरामदगी: कारखाने जैसा था तहखाना

पुलिस को मौके से किसी छोटी दुकान नहीं बल्कि पूरी फैक्ट्री जैसा सामान मिला है:

  • तैयार और अधबने हथियार: 5 तैयार तमंचे और दर्जनों अधबनी नाल।

  • भारी मशीनरी: वेल्डिंग मशीन, दो खराद मशीनें, ग्राइंडर और 41 ड्रिल बिट।

  • कच्चा माल: 115 स्प्रिंग केस, 45 नाल और दर्जनों अन्य उपकरण।

वॉट्सऐप से चलता था नेटवर्क

एसएसपी अविनाश पांडेय और एसपी देहात ने बताया कि यह गिरोह तकनीक का सहारा ले रहा था। वॉट्सऐप के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था और बीसीए छात्र के जरिए उन तक डिलीवरी पहुंचाई जाती थी। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में इस गैंग से हथियार खरीदे हैं।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि