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CBSE 10th Result 2018: इंदौर में टॉप थ्री पर छह स्टूडेंट्स, इनमें पांच बेटियां

इंदौर। 10वीं के विद्यार्थियों के लिए मंगलवार का दिन खुशियां लेकर आया। शहर के अधिकांश स्कूलों का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने निर्धारित समय से दो घंटे पहले ही परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इसके बाद बेसब्री से रिजल्ट का इंतजार कर रहे बच्चों की खुशियों का ठिकाना न रहा।globaladv

किसी ने पैरेंट्स और टीचर्स के साथ अपनी सफलता सेलिब्रेट की तो किसी ने दोस्तों के साथ पार्टी की।शहर में प्रथम स्थान पर 98.6 प्रतिशत अंकों के साथ अर्णव अग्रवाल और असमी चेलावत रहे, जबकि 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सौम्या गुप्ता और मुस्कान जैन दूसरे स्थान पर रहीं।

asmi indore

अलका परीदी और नंदिनी मवाने ने 98.2 प्रतिशत मार्क्स के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। 12वीं में जहां हर स्ट्रीम में चारों टॉपर्स लड़कियां थीं, वहीं 10वीं में भी प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वालों में 6 में से 5 लड़कियां हैं। इस बार सभी स्टूडेंट्स को अंग्रेजी के पेपर में टाइपिंग की गलती की वजह से 2 अंक अतिरिक्त मिले।

आठ साल बाद बोर्ड पैटर्न पर हुई एग्जाम

सीबीएसई ने 2018 के एग्जाम में आठ साल बाद फिर से सभी के लिए बोर्ड सिस्टम लागू किया। इसके पहले बोर्ड एग्जाम देना या न देना स्टूडेंट्स पर निर्भर था और मार्किंग सीजीपीए के आधार पर होती थी।

फर्स्ट टॉपर

उम्मीद से ज्यादा मार्क्स आए

अर्णव अग्रवाल- 98.6

पैरेंट्स- सचिन-जूही अग्रवाल

स्कूल- डीपीएस

अर्णव अग्रवाल कहते हैं मेरा ध्यान 10वीं की परीक्षा से ज्यादा नेशनल टैलेंट सर्च एग्जाम पर था। इसलिए उम्मीद थी कि मार्क्स ज्यादा नहीं आएंगे, लेकिन जब रिजल्ट आया तो विश्वास ही नहीं हो रहा था। मैं कभी किताबी कीड़ा नहीं बना, जितनी जरूरत होती थी उतनी पढ़ाई करता था। कोचिंग और स्कूल के बाद 3 घंटे सेल्फ स्टडी के लिए निकालता था। आईआईटी से इंजीनियरिंग कर सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना चाहता हूं। मेरे रोल मॉडल पापा हैं। अगर सालभर टारगेट तय कर पढ़ाई करें तो अंतिम समय में प्रेशर नहीं होता। स्ट्रेस कम करने के लिए टेबल टेनिस खेलता हूं।

परीक्षा के एक महीने पहले से सोशल मीडिया से कट ऑफ किया

असमी चेलावत- 98.6

पैरेंट्स- अमित-नीति चेलावत

स्कूल- शिशुकुंज इंटरनेशनल

अब तक क्लास में टॉप करती थी, लेकिन पहली बार स्कूल और सिटी टॉपर बनी हूं। यकीन नहीं हो रहा, अब भी लग रहा है सपना देख रही हूं। इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहती थी, लेकिन परीक्षा के एक महीने पहले से सोशल मीडिया से पूरी तरह से कटऑफ कर लिया था। साइंस की जगह कॉमर्स विथ मैथ्स एंड साइकोलॉजी लिया है, क्योंकि मैं बैंकिंग या फाइनेंस सेक्टर में कॅरियर बनाना चाहती हूं। म्यूजिक सुनने के अलावा फिक्शन और मिस्ट्री की बुक्स पढ़ने का शौक है।

सेकंड टॉपर

कभी समय और टाइम टेबल फिक्स नहीं किया

सौम्या गुप्ता -98.4

पैरेंट्स- अमित-संध्या गुप्ता

स्कूल- एमरल्ड हाईट्स

पढ़ाई को लेकर मेरी कोई रणनीति नहीं थी। जब जो पढ़ने का मन करता था, बैठ जाती थी। समय और टाइम टेबल फिक्स नहीं करती थी। शुरू से ही अपने आसपास की चीजों में इंटरेस्ट रहा है, इसीलिए ह्यूमेनिटीज विथ मैथ्स लिया। भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर आईएएस बनना चाहती हूं या फिर यूएन में एंबेसडर बनना है। हर दिन 3 घंटे स्पोर्ट्स को देती हूं, जिससे कभी पढ़ाई का प्रेशर नहीं होता और स्वयं को ज्यादा रिफ्रेश फील करती हूं।

नियमित 3 घंटे पढ़ाई कर हासिल किए इतने मार्क्स

मुस्कान जैन -98.4

पैरेंट्स- डॉ.अल्केश- डॉ.सपना जैन

स्कूल- चोइथराम स्कूल, माणिकबाग

नियमित 3 घंटे पढ़ाई करती थी, जिससे अंतिम समय में ज्यादा मेहनत नहीं करना पड़ी। बिना कोचिंग के सिर्फ टीचर्स के गाइडेंस में पढ़ाई की। मुझे बचपन से कथक का शौक है, इसलिए पढ़ाई के दौरान भी नृत्य करती थी। पढ़ाई को बर्डन की जगह एंजॉयमेंट के रूप में लेती थी। मेरे पैरेंट्स डॉक्टर हैं, इसलिए मैं भी उनकी ही तरह डॉक्टर बनना चाहती हूं। अभी से नीट और एम्स की तैयारी कर रही हूं।

थर्ड टॉपर

पढ़ाई के साथ एंजॉय भी करती थी

अलका परीदी- 98.2

पैरेंट्स- नरेंद्र-अनुराधा परीदी

स्कूल- सेंट रेफियल्स

परीक्षा के एक महीने पहले पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बनाकर हर विषय के लिए समय निर्धारित कर लिया था। टॉपिक खत्म होने पर ही उठती थी, चाहे कितना भी समय क्यों न लग जाए। पढ़ाई के बाद टीवी भी देखती थी और फेसबुक, यूट्यूब और वॉट्सएप से फ्रेंड्स से चैट भी करती थी। मेरा मानना है पढ़ाई के लिए सब कुछ छोड़ दो ठीक नहीं है। हर चीज को एंजॉय करना चाहिए। मैं आईआईटी से इंजीनियरिंग कर कंप्यूटर साइंस में कॅरियर बनाना चाहती हूं।

हर दिन दो घंटे की पढ़ाई की

नंदिनी मवाने- 98.2

पैरेंट्स- सौम्य-योगिता मवाने

स्कूल- एनडीपीएस

अधिकतर स्टूडेंट्स परीक्षा के पहले सब कुछ छोड़कर ज्यादा पढ़ाई कर अच्छे मार्क्स हासिल करने का प्रयास करते हैं, लेकिन मैं कभी परीक्षा के समय ज्यादा नहीं पढ़ती थी। पूरे साल स्कूल के अलावा सिर्फ दो घंटे पढ़ाई करती थी। मैथ्स लेकर आईआईटी की तैयारी करूंगी, इसके बाद रिसर्च फील्ड में जाऊंगी। जब फ्री रहती हूं तो ड्राइंग करती हूं।

टॉप 5 पर रहे ये

असमी चेलावत- 98.6

अर्णव अग्रवाल- 98.6

मुस्कान जैन- 98.4

सौम्या गुप्ता- 98.4

अलका परीदी- 98.2

नंदिनी मवाने- 98.2

अर्थव देहाड़ राय- 98.0

स्निग्धा सिंह- 98.0

सुहानी गुप्ता- 97.6

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