Katni Breaking: विचाराधीन बंदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए यह आरोप
कटनी। दंगा और हत्या के प्रयास के आरोप में पिछले लगभग 2 महीने से जिला झेल झिझंरी में निरूद्ध एक विचाराधीन बंदी की आज सुबह जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। जेल प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि बंदी हेडन उर्फ इमरान पहले से ही हार्ट पेंशेट था, उसका उपचार भी कराया गया था आज सुबह उसने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की थी।
गार्ड द्वारा यह जानकारी मिलने पर सहायक जेल अधीक्षक द्वारा उसका सुबह मेडीकल परीक्षण कराया गया। परीक्षण के तत्काल बाद उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया जहां उपचार के लगभग 20 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैमोर थाना क्षेत्र के अमरैयापार निवासी 25 वर्षीय हेडन उर्फ इमरान पिता याकूब खान को उसके आधा दर्जन से अधिक साथियों के साथ 24 मई की रात को बरही से गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी 23 मई को कैमोर के पेट्रोल पंप तिराहे पर बजरंग दल के जिस सह संयोजक मोनू सेठी पर जानलेवा हमला करने के बाद से फरार थे।
जिन्हें दूसरे दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। 25 मई को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। जेल जाने के बाद 8 में से 4 आरोपियों को अब तक जमानत मिल चुकी है जबकि हेडन उर्फ इमरान सहित 4 आरोपी अभी तक उपजेल झिझंरी में निरूद्ध थे। इन्हीं में से एक हेडन उर्फ इमरान की आज मौत हो गई। जेल सूत्रों ने बताया कि सुबह पेटदर्द और उल्टी की शिकायत के बाद जेल में ही हेडन का प्राथमिक उपचार किया गया बाद में उसकी मेडिकल केश हिस्ट्री को देखते हुए एहतियातन उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। चिकित्सालय के सूत्रों के अनुसार हेडन को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर चिकित्सालय लाया गया था। परीक्षण के पश्चात तत्काल उसका उपचार प्रारंभ कर दिया गया। इसी दौरान 7.30 बजे उसकी मौत हो गई। विचाराधीन बंदी हेडन की मौत के बाद तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम तहसीलदार की मौजूदगी में किया गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई है। विचाराधीन बंदी हेडन उर्फ इमरान की मौत के इस मामले की मजिस्ट्रेटियल जांच कराये जाने के आदेश भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दिए गए हैं।
पिता ने लगाया जेल में मारपीट का आरोप
विचाराधीन बंदी हेर्डन उर्फ इमरान के पिता याकूब खान का आरोप है कि जेल में हेडन से रूपयों की मांग की जाती थी रूपए न देने पर मारपीट भी की जाती थी। पिछले सप्ताह वे हेडन से जेल में मिलने आये थे तब यह बात खुद हेडन ने उन्हें बताई थी। याकूब खान का यह भी कहना है कि उन्होंने एक दो बार कुछ रूपए भी जेल में दिए हैं।
रात में ही हो गई थी हेडन की मौत
हेडन उर्फ इमरान की मौत को लेकर जेल प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन द्वारा मृतक के पिता को जो लिखित सूचना भेजी गई उसमें बताया गया है कि कैमोर के अपराध क्रं. 100/18 धारा 147, 148, 149, 307, 452, 323, 324, 506 के तहत गिरफ्तार आरोपी से शेख इमरान उर्फ हेडन पिता शेख याकूब उम्र 25 वर्ष निवासी अमरैयापार की मृत्यु इलाज के दौरान जिला अस्पताल कटनी में दिनंाक 29.07.18 की रात्रि में हो गई हैं। प्रहरी द्वारा भेजी गई यह लिखित सूचना अपने आप में इस बात की ओर संकेत कर रही की कहीं कुछ गड़बड़ है। जबकि जेल अधीक्षक द्वारा आज सुबह मौत होने की बात कहीं जा रही।
पहले से हार्ट पेंशेंट था हेडन- जेलर
जेल अधीक्षक सुजीत खरे ने विचाराधीन बंदी से रूपए मांगे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हेडन को जब जेल लाया गया था तब वह पहले से ही हार्ट का पेंशेंट था। उसकी मेडिकल केस हिस्ट्री मिलने के बाद जेल प्रशासन द्वारा उसका उपचार भी कराया गया है। आज सुबह उसे पेट दर्द की शिकायत थी। एक दो बार उल्टी भी हुई। यह बात उसने जेल के गार्ड को बताई। गार्ड द्वारा सूचना दिये जाने पर सहायक जेल अधीक्षक द्वारा चिकित्सक बुलाकर उसका परीक्षण कराया गया। पल्स और ब्लडप्रेशर नॉर्मल मिलने के बावजूद उसकी केस हिस्ट्री को देखते हुए उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक श्री खरे ने यह भी बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच कराये जाने के आदेश हो गए हैं।








