कटनी में औषधि नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित, 7 अन्य प्रतिष्ठानों में नारकोटिक्स दवाओं की जांच
कटनी में औषधि नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित, 7 अन्य प्रतिष्ठानों में नारकोटिक्स दवाओं की जांच
कटनी में औषधि नियमों के उल्लंघन पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित, 7 अन्य प्रतिष्ठानों में नारकोटिक्स दवाओं की जांच
कटनी। जिले में औषधियों के विक्रय, भंडारण और वितरण में निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन द्वारा मेडिकल स्टोरों पर सघन निरीक्षण और जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियम, 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर 6 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
निलंबित किए गए मेडिकल स्टोर एवं अवधि
प्रशासन ने नियमों की अनदेखी पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग अवधि के लिए लाइसेंस निलंबित किए हैं:
मेडिकल स्टोर का नाम
स्थान
निलंबन की अवधि
सम्पत मेडिकल
दुर्गा चौक
7 दिवस
आयुष मेडिकेयर
रोशन नगर
7 दिवस
अनिल मेडिकल एंड जनरल स्टोर
कटनी
5 दिवस
तिवारी मेडिकल
परोना मार्केट
5 दिवस
अंशिका मेडिकल
दुर्गा चौक, कटनी
5 दिवस
आकाश मेडिकल
तिलक कॉलेज रोड
3 दिवस
नारकोटिक्स दवाओं की खरीदी-बिक्री पर विशेष निगरानी
औषधि विभाग की टीम ने जिले के 7 अन्य प्रमुख मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाओं और स्टॉक रजिस्टरों की जांच की। इन प्रतिष्ठानों में शामिल हैं:
सिटी मेडिकल (झर्रा टिकुरिया)
विकास मेडिकोज (मस्जिद के पास)
शांति मेडिकल (रंगनाथ नगर)
न्यू वंदना मेडिकल (शास्त्री वार्ड)
सनी मेडिकोज (रघुनाथ गंज)
शुभ श्री मेडिकल (मंगल नगर)
मां मेडिकल (जय हिन्द चौक)
कारण बताओ नोटिस जारी, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालकों को नारकोटिक्स एवं नियंत्रित श्रेणी की दवाओं की खरीदी-बिक्री से जुड़े बिल, अभिलेख और जरूरी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के अनुरूप रिकॉर्ड न पाए जाने पर प्रतिष्ठानों को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नारकोटिक्स और प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं के रिकॉर्ड में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।