Wednesday, April 15, 2026
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Bhopal Youth Death Case : पूर्व CM Shivraj Singh बोले- प्रदेश में निरंकुश हो गई पुलिस

भोपाल। मंगलवार देर रात पुलिस की पिटाई से एक युवक की मौत का मामला गरमा गया है। जिस शिवम नाम के युवक की बैरागढ़ पुलिस की पिटाई से मौत हुई है। उसके पिता खुद सायबर सेल में हेड क्लर्क हैं। मृतक के परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को लेकर अड़े हुए हैं। इसी वजह से हमीदिया अस्पताल में मृतक का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस मामले पर बयान आया है। उन्होंने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, प्रदेश सरकार की संवेदनाएं मर चुकी हैं। पुलिस प्रशासन निरंकुश हो गया है।

शिवराज सिंह सरकार ने पुलिस की पिटाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “युवक की कार बीआरटीएस कॉरिडोर की रेलिंग से टकरा गई थी। ये ऐसी घटना ऐसी नहीं थी कि पुलिस युवक को पीट-पीटकर मार डाले। ऐसे में पुलिसकर्मियों के खिलाफ सस्पेंशन के बजाए इस मामले की न्यायिक जांच करानी चाहिए। और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वो यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, “मध्य प्रदेश में गरीबों को सताया जा रहा है, विरोध करता है तो झोपड़ी को आग लगा दी जाती है। उस आग में कूदकर एक बहन ने जान दे दी। क्या गरीबों को ऐसा जताया जाएगा, आदिवासियों को सताने का भी मामला सामने आया है। गरीबों के कल्याण की सारी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। अन्याय की अति हो गई है। सरकार को मैं चेता रहा हूं, अगर ये चलता रहा तो हम चुप नहीं बैठेंगे।”

बता दें कि प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन ने भी इस मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि, “इस घटना की जांच कराई जाएगी और किसी भी दोषी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।”

ये है पूरा मामला

मंगलवार देर रात बैरागढ़ पुलिस ने शिवम नाम के युवक की पिटाई की थी। जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। दरअसल वो अपनी कार से बैरागढ़ ढाबे पर खाना खाना जा रहा था। तभी लालघाटी के पास उसकी तेज रफ्तार XUV-500 कार बीआरटीएस कॉरिडोर से टकरा गई। इसके बाद पुलिस कार में बैठे शिवम और उसके दोस्त गोविंद को बैरागढ़ थाने ले गई और वहां दोनों की जमकर पिटाई कर दी। इसी दौरान शिवम की मौत हो गई। सुबह से ही उसके परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हमीदिया अस्पताल में डटे हुुए हैं और तभी मृतक का पोस्टमॉर्टम कराने की बात कह रहे हैं, जब दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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