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Bengal Bangladeshi Infiltration: सीएम शुभेंदु अधिकारी के एक्शन से डर-बॉर्डर पर लगी बांग्लादेशी घुसपैठियों की कतार, ₹10-10 हजार देकर कर रहे हैं ‘घर वापसी’

Bengal Bangladeshi Infiltration: सीएम शुभेंदु अधिकारी के एक्शन से डर-बॉर्डर पर लगी बांग्लादेशी घुसपैठियों की कतार, ₹10-10 हजार देकर कर रहे हैं 'घर वापसी'

Bengal Bangladeshi Infiltration: सीएम शुभेंदु अधिकारी के एक्शन से डर-बॉर्डर पर लगी बांग्लादेशी घुसपैठियों की कतार, ₹10-10 हजार देकर कर रहे हैं 'घर वापसी'

Bengal Bangladeshi Infiltration: सीएम शुभेंदु अधिकारी के एक्शन से डर-बॉर्डर पर लगी बांग्लादेशी घुसपैठियों की कतार, ₹10-10 हजार देकर कर रहे हैं ‘घर वापसी’

कोलकाता/बसीरहाट: पश्चिम बंगाल में नवगठित बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सख्त रुख के बाद राज्य से अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों और प्रवासियों की बड़े पैमाने पर ‘घर वापसी’ शुरू हो गई है। डिटेंशन सेंटर बनाने और कड़ी कानूनी कार्रवाई के डर से भारी संख्या में लोग भारत-बांग्लादेश सीमा पर इकट्ठा हो रहे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर और बसीरहाट सीमा चौकी (Border Outpost) पर बांग्लादेश लौटने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है। हालात ये हैं कि डर के मारे वे लोग भी देश छोड़ रहे हैं जो भारत में पैदा हुए थे, लेकिन उनके माता-पिता बांग्लादेशी थे और उनके पास साल 2002 से पहले का कोई वैध दस्तावेज़ (कागजात) नहीं है।

‘घुसपैठिए दामाद नहीं, जो जेल में मुफ्त खाना खिलाएं’ — CM शुभेंदु अधिकारी की खुली चेतावनी

इस पूरे पलायन की मुख्य वजह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का वह कड़ा बयान और एक्शन माना जा रहा है, जो उन्होंने नादिया में एक प्रशासनिक बैठक के बाद दिया था। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा:

जो लोग अवैध बांग्लादेशी हैं, वे अपनी मर्जी से जल्द से जल्द देश छोड़ दें। हमने पुलिस को निर्देश दिया है कि इन्हें जेल न भेजा जाए, क्योंकि घुसपैठिये भारत के दामाद नहीं हैं जिन्हें जेल में रखकर मुफ्त का खाना खिलाया जाए। वे तुरंत यहाँ से भागें, वरना सरकार बेहद सख्त कार्रवाई करेगी।

 डिटेंशन सेंटर की आहट से बढ़ा खौफ, दलालों की चांदी

पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को चिह्नित कर बाहर निकालने के लिए डिटेंशन सेंटर (Detention Centers) बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले के बाद से ही प्रवासियों में खौफ का माहौल है।

सीमा पर सुरक्षा बल अलर्ट, संख्या में आई कमी

मंगलवार शाम को बसीरहाट सीमा के पास लगभग 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिक जमा हुए थे। स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में हजारों की संख्या में लोग सीमा पर जुट रहे थे, लेकिन अब यह संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है क्योंकि एक बड़ी आबादी पहले ही सीमा पार कर चुकी है या छिपने के रास्ते तलाश रही है।

पश्चिम बंगाल सरकार के इस कड़े कदम ने न सिर्फ बंगाल बल्कि पूरे देश में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

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