Assembly Election 2022 : सात चरणों में होंगे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव, 10 मार्च को एक साथ मतगणना, विजय जुलूस की इजाजत नहीं
Assembly Election 2022 निर्वाचन आयोग (Election Commission) शनिवार को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान करेगा। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड पंजाब गोवा तथा मणिपुर में फरवरी या मार्च में चुनाव हो सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने शनिवार को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कहना है कि सुशील चंद्र ने कहा कि इस बार आयोग ने तीन लक्ष्यों पर काम किया है। ये लक्ष्य हैं आसान और कोविड सेफ चुनाव के साथ साथ मतदाताओं की ज्यादा से ज्यादा से ज्यादा भागीदारी। निर्वाचन आयोग की घोषणाओं की हर जानकारी के लिए जुड़ें रहे
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- सभी 5 राज्यों के चुनाव कुल सात चरणों में पूरे होंगे। मणिपुर में दो चरणों में होगी वोटिंग। यूपी में 10 फरवरी को पहला फेज, 14 को दूसरा, 20 तीसरा, 23 चौथा फेज 27 मार्च को पांचवां, तीन मांर्च को छठा और सात मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा। 10 मार्च को पांचों राज्यों में मतगणना होगी।
Assembly Election 2022 विजय जुलूस की भी इजाजत नहीं
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- डोर-टु-डोर कैंपेन में भी अधिकतम पांच लोग ही शामिल हो सकेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसमें शामिल होने वाले लोगों के लिए कोरोना से बचाव के लिए मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था राजनीतिक दल ही करेंगे। मतगणना के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस की इजाजत नहीं होगी…
Assembly Election 2022 15 जनवरी तक रोड शो, रैली, जुलूस की इजाजत नहीं
कोरोना की चुनौतियों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को हमारी सलाह है कि वे अपने चुनाव प्रचार कार्यक्रमों को डिजिटल मोड में ही चलाएं। 15 जनवरी तक कोई भी रोड शो, बाइक रैली, जुलूस या पद यात्रा की इजाजत नहीं होगी। यही नहीं 15 जनवरी तक कोई फीजिकल रैली भी नहीं आयोजित की जाएगी। बाद में डीटेल गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
Assembly Election 2022 राजनीतिक दलों के लिए दिशा-निर्देश
CEC सुशील चंद्र ने कहा कि राजनीतिक दलों के सभी चुनावी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पार्टियों को अपने उम्मीदवारों की आपराधिक रिकार्ड की घोषणा अनिवार्य रूप से करनी होगी। यूपी, पंजाब और उत्तराखंड में हर उम्मीदवार 40 लाख रुपए ही खर्च कर पाएगा। वहीं मणिपुर और गोवा में उम्मीदवार के लिए चुनावी खर्च सीमा 28 लाख रुपए तक ही सीमित रहेगी।