केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने में राज्य सरकार की हीलाहवाली पर भड़क रहा आक्रोश
कटनी। केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने में राज्य सरकार की हीलाहवाली से संपूर्ण कर्मचारी जगत परिचित है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया है, कि राज्य सरकार द्वारा मानसिकता ही बना ली गयी है, कि ज़ब तक कर्मचारी सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन नहीं करेगा, तब तक उन्हें फूटी कौड़ी नहीं दी जाएगी, और न ही उनकी किसी प्रकार की कोई सुनवाई ही होगी।
विगत लंबे समय से कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी न होने से इन दिनों कर्मचारियों में निराशा साफ दिखाई देती है यही कारण है कि सरकार पर जबरजस्त तरीके से दबाब बनाने के उद्देश्य से 24 सितंबर को प्रदेश के कर्मचारीयों द्वारा पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर उपस्थित होकर महंगाई भत्ता सहित कर्मचारियों के हित से जुड़ी 25 सूत्रीय मांगों का मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम पर जिला कलेक्टर को सौंपने की कर्मचारियों द्वारा रणनीति बनाई गयी है।
जानकारी देते हुये मार्तण्ड सिंह राजपूत ने बताया कि विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे, कर्मचारीयों की स्थानीय समस्याओं का निराकरण कराना भी संगठनों का नैतिक दायित्व बनता है अतः इस दिन स्थानीय स्तर की भी ज्वलंत समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंप कर हर विभाग के जबाबदेय अधिकारीयों की क्लास जिले के मुखिया के समक्ष लगाया जाना प्रस्तावित है।
कर्मचारियों को पिछले जुलाई 2023में मिले डी.ए. का 6 माह के एरियर्स का भुगतान आज तक न होने से परेशान कर्मचारीयों व शिक्षकों का पक्ष भी जिले के मुखिया के समक्ष रखकर ये जबाबदेही तय की जाएगी, कि कर्मचारियों को उनके वित्तीय हक से महरूम रखने के पीछे निचले स्तर के अधिकारीयों की मानसिकता का कारण क्या है। श्री राजपूत ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से जिला कलेक्टर से मांग की जाएगी,कि कर्मचारियों की समस्यायों के समय पर निराकरण की दिशा में विभाग प्रमुख्यों की उपस्थिति में यथा शीघ्र समस्या निवारण शिविर आयोजित किये जावें।

