वंदे मातरम्’ पर AIMIM नेता वारिस पठान का बड़ा बयान: बोले- ‘चाहे फांसी चढ़ा दो, जबरन नहीं गाएंगे’
वंदे मातरम्’ पर AIMIM नेता वारिस पठान का बड़ा बयान: बोले- ‘चाहे फांसी चढ़ा दो, जबरन नहीं गाएंगे’
मुंबई/नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बार फिर बड़ा विवादास्पद बयान दिया है। वारिस पठान ने साफ कहा है कि वे किसी के दबाव या डर में आकर ‘वंदे मातरम्’ का पाठ नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें फांसी पर ही क्यों न चढ़ा दिया जाए।
बयान के मुख्य बिंदु:
धार्मिक आस्था का हवाला: पठान ने तर्क दिया कि राष्ट्रगीत की कुछ पंक्तियों में मातृभूमि की वंदना (पूजा) का उल्लेख है, जबकि इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी और की पूजा करने की अनुमति (तौहीद/शिर्क का नियम) नहीं है।
संवैधानिक अधिकारों की दुहाई: उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देता है। किसी भी प्रार्थना या गीत को नागरिकों पर जबरन नहीं थोपा जा सकता।
राष्ट्रगान पर जताया सम्मान: वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि वे और उनकी पार्टी देश के राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और तिरंगे का पूरा सम्मान करते हैं और उसे गाते हैं, लेकिन राष्ट्रगीत को अनिवार्य बनाना असंवैधानिक है।
राजनीतिक हमला: उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस मुद्दे का इस्तेमाल केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण और लोगों को डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है।
सियासी गरमाहट और बहस:
हाल के दिनों में संसद से पारित ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) कानून’ और ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देशव्यापी अनिवार्य या ऐच्छिक गायन की बहस के बीच यह बयान सामने आया है। पठान के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां सत्तापक्ष के कई नेताओं ने उनके इस रुख की कड़ी निंदा की है।