बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी को 3 बड़े झटके; टीएमसी में दो फाड़, मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा और अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची ED

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी को 3 बड़े झटके; टीएमसी में दो फाड़, मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा और अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची ED

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी को 3 बड़े झटके; टीएमसी में दो फाड़, मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा और अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची ED

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सियासी मुसीबतें बेहद कड़क रूप से बढ़ने लगी हैं। कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साये की तरह साथ रहने वाले उनके अपने ही दिग्गज नेता अब उनसे किनारा करने लगे हैं। बुधवार को टीएमसी को एक के बाद एक तीन बड़े और ऐतिहासिक झटके लगे, जिससे पूरी पार्टी में हड़कंप मच गया है।

 झटका 1: टीएमसी में दो फाड़, ऋतब्रत बनर्जी बने नेता प्रतिपक्ष

पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब विधिक रूप से सामने आ गई है और टीएमसी लगभग दो हिस्सों में बंट चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के तौर पर आधिकारिक मान्यता दे दी गई है, जो ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा संसदीय झटका माना जा रहा है।

 झटका 2: अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची ED, 15 जून को किया तलब

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें कानूनन बढ़ गई हैं। शिक्षक भर्ती घोटाले (Teacher Recruitment Scat) की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम बुधवार को सीधे अभिषेक बनर्जी के आवास पर जांच के लिए पहुंची। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें 15 जून को विधिक रूप से तलब (Summon) भी किया है। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बनर्जी को 3 बड़े झटके; टीएमसी में दो फाड़, मेयर फिरहाद हकीम का इस्तीफा और अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची ED

 झटका 3: फिरहाद हकीम ने दिया कोलकाता के मेयर पद से इस्तीफा

तीसरा और सबसे बड़ा संगठनात्मक झटका कोलकाता के कद्दावर नेता फिरहाद हकीम ने दिया है, जिन्होंने कोलकाता के प्रतिष्ठित मेयर (महापौर) पद से इस्तीफा दे दिया है।

 नगर निगम अधिनियम के नियमों के तहत फिरहाद हकीम को अपना आधिकारिक इस्तीफा कोलकाता नगर निगम के अध्यक्ष या आयुक्त के समक्ष पेश करना होगा। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि वे यह लिखित औपचारिकता कब पूरी करते हैं।

 दिलचस्प बात यह है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता नगर निगम का पहला सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया और एक समय तो स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सत्र को रद्द तक करना पड़ा।

 ‘हालात ठीक नहीं चल रहे थे’- तृणमूल विधायक कुणाल घोष का बड़ा दावा

इस पूरे घटनाक्रम पर तृणमूल विधायक कुणाल घोष का बड़ा बयान सामने आया है, जिससे साफ है कि ममता बनर्जी ने फिरहाद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है:

“फिरहाद हकीम ने बार-बार हमारी पार्टी नेता (ममता बनर्जी) से इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। आखिरी दिन मैं भी वहां मौजूद था। उन्होंने साफ कहा था कि वर्तमान हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। नबन्ना (प्रशासनिक मुख्यालय) की बैठक में भी यह बात सामने आई थी कि मौजूदा विन्यास प्रभावी नहीं है।” – कुणाल घोष, विधायक टीएमसी

कुणाल घोष ने आगे बताया कि फिरहाद हकीम ने पिछले कुछ दिनों की जमीनी परिस्थितियों से ममता बनर्जी को अवगत कराया था। इसके बाद पार्टी प्रमुख ने सभी राजनीतिक पहलुओं पर विचार करते हुए फिरहाद को मेयर पद से हटने की अनुमति दे दी, ताकि उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को कोई ठेस न पहुंचे। हालांकि, कुणाल घोष के इस दावे पर अभी तक फिरहाद हकीम की ओर से कोई आधिकारिक विन्यास या जवाब सामने नहीं आया है

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