कन्हवारा में ‘मित्रा फार्मेसी’ पर प्रशासन का डंडा; सील की गई दुकान, मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अवैध क्लीनिक

कन्हवारा में 'मित्रा फार्मेसी' पर प्रशासन का डंडा; सील की गई दुकान, मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अवैध क्लीनिक

कटनी। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल स्टोरों और नियमों को ताक पर रखकर दवा बेचने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के कड़े रुख के बाद बुधवार को औषधि विभाग की टीम ने कन्हवारा स्थित ‘मित्रा फार्मेसी’ पर औचक छापा मारा। औचक निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर के भीतर और पीछे जो खेल चल रहा था, उसे देखकर पूरी टीम दंग रह गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर ही मेडिकल स्टोर को पूरी तरह से बंद (सील) करवा दिया है।

कन्हवारा में ‘मित्रा फार्मेसी’ पर प्रशासन का डंडा; सील की गई दुकान, मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अवैध क्लीनिक

फार्मासिस्ट नदारद, बिना पर्चे के धड़ल्ले से बिक रही थीं दवाएं

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में जब जांच टीम कन्हवारा पहुंची, तो स्टोर पर कोई अधिकृत फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिला। इतना ही नहीं, संचालक दवाओं के रख-रखाव, स्टॉक और खरीद-बिक्री से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज (कागजात) पेश नहीं कर सका। गंभीर बात यह भी सामने आई कि यहाँ बिना किसी डॉक्टर के पर्चे (प्रिस्क्रिप्शन) के मरीजों को सीधे ऐसी दवाएं बेची जा रही थीं, जिन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के देना कानूनन अपराध है।

मेडिकल स्टोर की आड़ में ‘अवैध अस्पताल’ का भंडाफोड़

जांच के दौरान टीम को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उन्होंने मेडिकल स्टोर के पिछले हिस्से की जांच की। वहाँ नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से एक क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। मौके पर एक डॉक्टर बकायदा मरीजों का परीक्षण और इलाज करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इस अवैध क्लीनिक के संचालन के लिए न तो कोई अनुमति ली गई थी और न ही यह नर्सिंग होम एक्ट के दायरों में आता था।

जारी हुआ ‘कारण बताओ नोटिस’, टीम ने कहा- कार्रवाई रहेगी जारी

निरीक्षण दल का नेतृत्व कर रहीं ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन, डीएचओ डॉ. समीर सिंघई और नर्सिंग होम इंचार्ज नितिन तपा ने तत्काल पंचनामा तैयार कर मेडिकल स्टोर को बंद कराया। प्रशासन ने दुकान के संचालक को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) थमाते हुए कड़ा जवाब मांगा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि: “मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले ऐसे किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की औचक कार्रवाई आगे लगातार जारी रहेगी।”

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