115 साल पुराने नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम बदला, अब इस नाम से होगी पहचान
नेपाल के करीब 115 साल पहले अस्तित्व में आया नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम अब सिद्धार्थनगर स्टेशन हो गया है। सोमवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से नए नाम सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया। इस दौरान सांसद जगदम्बिका पाल और रेलवे के अधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे।
लगभग 115 वर्ष पूर्व तराई क्षेत्र में स्थित गोरखपुर-गोण्डा लूप मीटर गेज खंड के निर्माण के क्रम में 15 जनवरी, 1905 को उसका बाजार-बढ़नी खंड का कार्य पूरा होने के साथ ही नौगढ़ रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। इस रेल खंड को छोटी लाइन के रूप में जाना जाता था।
इस खंड का आमान परिवर्तन कार्य वर्ष 2015 में पूरा हुआ और यह क्षेत्र बड़ी लाइन के माध्यम से देश के महानगरों से जुड़ गया। नौगढ़ रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन घोषित कर मानक के अनुरूप यहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
यहां से 35 किमी. दूर लुम्बनी में महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था और यह क्षेत्र महात्मा बुद्ध की जीवन घटनाओं से भरा होने के कारण क्षेत्र की जनता की मांग को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित नौगढ़ रेलवे स्टेशन का नाम सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन किया गया है।
चल रहा है विद्युतीकरण का काम
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन।
गोरखपुर-गोण्डा लूप खण्ड का विद्युतीकरण कार्य स्वीकृत है, जिस पर तेजी से कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने पर क्षेत्र में विद्युत इंजन चालित गाड़ियों का संचालन होगा और क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त रखने में काफी सहूलियत होगी ।
चल रही हैं कई महत्वपूर्ण ट्रेनें
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन बड़ी लाइन खण्ड पर स्थित होने के कारण सीधी ट्रेन सेवा से गोरखपुर, गोण्डा, लखनऊ, लखीमपुर, कानपुर, दिल्ली, मुंबई, कासगंज, मथुरा, कोटा, बडोदरा, सूरत, झांसी, भोपाल, मुजफ्फरपुर, कटिहार आदि नगरों से जुड़ा हुआ है।
वर्तमान में इस स्टेशन से होकर 02571/02572 गोरखपुर-आनंद विहार टर्मिनस-गोरखपुर (सप्ताह में चार दिन) हमसफर विशेष गाड़ी, 05063/05064 गोरखपुर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर साप्ताहिक विशेष गाड़ी, 05065/05066 गोरखपुर-पनवेल-गोरखपुर (सप्ताह में चार दिन) विशेष गाड़ी एवं 05067/05068 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर साप्ताहिक विशेष गाड़ी का संचालन किया जा रहा है।